राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बीरभूम के इलमबाजार में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की जांच के सिलसिले में सोमवार रात केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) के अधिकारी इस घटना में गिरफ्तार दुलाल मृधा नाम के एक शख्स को लेकर इलमबाजार स्थित प्रखंड तृणमूल कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तीन नेताओं व कार्यकर्ताओं से पूछताछ की। उनमें टीएमसी के ब्लाक अध्यक्ष भी शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने इलमबाजार में गोपालनगर बूथ कमेटी के कुछ टीएमसी नेताओं व कार्यकर्ताओं के नाम और फोन नंबरों की सूची एकत्र की।

टीएमसी कार्यालय पहुंचने के पीछे भाजपा की साजिश : रहमान

बताते चलें कि दो मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे की घोषणा के दिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर बीरभूम के इलमबाजार के गोपालनगर में भाजपा कार्यकर्ता गौरव सरकार की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा था। इलमबाजार प्रखंड तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष फजलुर रहमान ने कहा कि सीबीआइ अधिकारियों के टीएमसी कार्यालय पहुंचने के पीछे भाजपा की साजिश है।

भाजपा अध्यक्ष ध्रुव साहा बोले-अपराधी कहीं भी छिपे हो सकते हैं

दूसरी ओर बीरभूम जिला भाजपा अध्यक्ष ध्रुव साहा ने कहा कि जब सीबीआइ के अधिकारी जांच के सिलसिले में तृणमूल कार्यालय पहुंचे थे। यह भाजपा की साजिश कैसे हो गई। यह गलत है। जो वास्तव में अपराधी हैं, वह कहीं भी छिपे हो सकते हैं। इस बीच, रामपुरहाट अनुमंडल न्यायालय ने नलहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में जेल में बंद दो आरोपितों से पूछताछ के लिए सीबीआइ को अनुमति नहीं दी। प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण सीबीआइ की याचिका खारिज कर दी गई। बुधवार को फिर से मामले की सुनवाई होगी।

Edited By: Vijay Kumar