कोलकाता, राज्य ब्यूरो। पिछले साल बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान कोलकाता में भाजपा के एक कार्यकर्ता की हुई हत्या मामले में सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक परेश पाल से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। आरोप है कि पिछले वर्ष दो मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के कुछ घंटे बाद महानगर के नारकेलडांगा में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार को कथित तौर पर उनके घर से घसीटा गया और तृणमूल के कार्यकर्ताओं द्वारा उनकी हत्या कर दी।

पीड़िता के परिवार वालों का आरोप है कि स्थानीय विधायक परेश पाल के आदेश पर अभिजीत की हत्या की गई थी। हालांकि पाल ने आरोपों को खारिज किया है। उन्हें बुधवार सुबह 11 बजे तक सीबीआइ के सामने पेश होने को कहा गया था। पाल सुबह करीब 10:15 बजे सीबीआइ कार्यालय पहुंचे।

सीबीआइ के कार्यालय से बाहर आने के बाद परेश पाल ने कहा कि हम नफरत की ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं। हम ऐसी राजनीति में शामिल नहीं हैं, जिसमें एक युवक की हत्या करनी पड़े। अगर हमारे पास जनता का समर्थन नहीं होता, तो हम उस विधानसभा सीट पर 70,000 वोटों से नहीं जीते होते। आम जनता मूर्ख या अंधी नहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस के 2021 के विधानसभा चुनावों में भारी जीत के बाद और तीसरी बार मई 2021 में सत्ता में लौटने के बाद बंगाल में बड़े पैमाने पर चुनाव बाद हिंसा हुई थी। अभिजीत सरकार के भाई, जो उस परिसर में भी पहुंचे जहां सीबीआइ कार्यालय स्थित था ने संवाददाताओं से कहा कि वह स्वेच्छा से आए थे यदि सीबीआइ उन्हें पूछताछ के लिए पाल के साथ आमने-सामने बैठना चाहती है। अभिजीत के भाई बिस्वजीत ने कहा कि पाल ने विधानसभा चुनाव से पहले एक रैली की थी और धमकी दी थी कि मुझे और मेरे भाई को चुनाव परिणाम के बाद नरक देखना होगा। उसने अपनी बात सच साबित की और नतीजों के बाद मेरे भाई की हत्या कर दी गई। उसने हत्या का षड़यंत्र रचा है।

Edited By: Sumita Jaiswal