जागरण संवाददाता, कोलकाता। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने सीएए के समर्थन में तैयार किए गए विज्ञापन से 'बांग्लादेश' शब्द को हटाने अथवा किसी अन्य शब्द से बदलने को कहा है। निर्देशक संघमित्रा चौधरी ने सीएए के समर्थन में चार विज्ञापन फिल्मों का निर्माण किया है और उन्हें मंजूरी के लिए सीबीएफसी के कोलकाता स्थित आंचलिक कार्यालय में पिछले साल 27 दिसंबर को भेजा था।

उनमें से एक विज्ञापन में एक महिला दूसरी महिला से कह रही है-'सलमा, सबलोग कह रहे हैं कि हमें बांग्लादेश वापस लौट जाना पड़ेगा। सीएए नाम से कोई चीज लागू हो रही है।'

निर्देशक संघमित्रा चौधरी बोलीं, विज्ञापन को नहीं समझ पा रहे

संघमित्रा ने कहा-'बांग्लादेश शब्द को हटा देने अथवा उसकी जगह किसी और शब्द का इस्तेमाल करने से उस उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो पाएगी, जिस उद्देश्य से इन विज्ञापन फिल्मों का निर्माण किया गया है। मुझे नहीं पता कि ये सब जान-बूझकर किया जा रहा है अथवा ऐसा करने वालों को सीएए के ये विज्ञापन समझ में नहीं आ रहे, लेकिन इसकी वजह से मुझे काफी नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि इन विज्ञापनों के जनवरी महीने से टीवी पर दिखाए जाने की बात थी।

आइशी घोष को सभा करने की नहीं मिली इजाजत

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को महानगर के विख्यात कलकत्ता विश्वविद्यालय (CU) कैंपस में सभा करने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने विवि कैंपस के गेट के बाहर ही सभा की। इस दौरान उन्होंने आरएसएस और भाजपा की कड़ी आलोचना की और लोगों ने आरएसएस-भाजपा की आंख में आंख डाल कर उनकी राजनीति स्वीकार्य नहीं करने का आह्वान किया।

Posted By: Dhyanendra Singh

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