राज्य ब्यूरो, कोलकाता : अंग्रेजी नहीं बोल पाने पर आयकर विभाग के पांच अस्थाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। मामला कोलकाता से सटे हावड़ा जिले के एक आयकर दफ्तर का है। हावड़ा की एक ठेका संस्था के जरिए इन पांचों की इनकम टैक्स सैटेलमेंट कमीशन ने नियुक्ति की थी। परीक्षा व इंटरव्यू लेने के बाद उन्हें काम पर रखा गया था। 

नौकरी से हटाए जाने को लेकर सवाल उठे

वे पिछले एक साल से वहां बतौर स्टेनोग्राफर काम कर रहे थे। पता चला है कि अचानक उनके अंग्रेजी नहीं बोल पाने को मुद्दा बनाकर उन्हें काम से निकाल दिया गया। इस तरह नौकरी से हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

टाइपराइटिंग की स्पीड भी बहुत कम थी

दूसरी तरफ आयकर दफ्तर की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि जिन अस्थाई कर्मचारियों को हटाया गया है, उन्हें न तो अंग्रेजी बोलनी आती थी और न ही कंप्यूटर का कोई ज्ञान था। उनकी टाइपराइटिंग की स्पीड भी बहुत कम थी, जिसके कारण दफ्तर का काम काफी प्रभावित हो रहा था। बाध्य होकर काम से हटाना पड़ा है।

योग्यता साबित करने के बाद ही रखा गया

सैटेलमेंट कमीशन में अब उक्त ठेका संस्था से निकाले गए कर्मचारियों के स्थान पर पांच नए लोगों को काम पर भेजने को कहा है। कहा गया है कि नए लोगों को अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। निकाले गए कर्मचारियों का कहना है कि योग्यता साबित करने के बाद ही उन्हें काम पर रखा गया था।

सैटेलमेंट कमीशन के अधिकारी नहीं माने

उनके काम को लेकर कभी कोई सवाल नहीं उठा। उन्होंने कंप्यूटर का बकायदा कोर्स भी किया है। उन्हें नौकरी से निकाले जाने के पीछे कोई और वजह है। सैटेलमेंट कमीशन के अधिकारी एनआर चौधरी से इस बाबत संपर्क करने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

आखिर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई 

आयकर दफ्तर के कर्मचारियों के एक वर्ग का कहना है कि अंग्रेजी का ज्ञान न होना ही अगर हटाए जाने की वजह है तो ऐसे और भी कर्मचारी हैं, जिन्हें अंग्रेजी अच्छे से नहीं आती, फिर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

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