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बंगाल: चिटफंड पीड़ितों के पैसे लौटाने की धीमी रफ्तार पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी, 19 नवंबर को मांगी विस्तृत रिपोर्ट

Published: Fri, 09 Oct 2026 07:04 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने चिटफंड घोटाले के पीड़ितों को पैसे लौटाने में न्यायमूर्ति एसपी तालुकदार समिति के धीमे काम पर ...और पढ़ें

चिटफंड पीड़ितों के पैसे वापसी में देरी पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त

चिटफंड पीड़ितों के पैसे वापसी में देरी पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने चिटफंड घोटाले के पीड़ितों के रुपये लौटाने को गठित न्यायमूर्ति एसपी तालुकदार समिति के कामकाज पर नाराजगी जताई है। अदालत ने प्रश्न किया कि 12 साल में समिति ने आखिर क्या काम किया?

न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज व न्यायमूर्ति सुदीप देव की खंडपीठ ने समिति पर सरकारी कोष से खर्च होने वाली भारी रकम के बावजूद काम की धीमी गति पर असंतोष जताया और आगामी 19 नवंबर को अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

अदालत के अनुसार, समिति पर सालाना करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने के हिसाब से 12 वर्षों में सरकारी कोष से लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि निवेशकों को अब तक केवल 96 करोड़ रुपये ही लौटाए गए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने समिति से पूछा कि अब तक चिह्नित 103 चिटफंड समूहों में कुल कितनी कंपनियां शामिल हैं, उनकी कुल संपत्ति कितनी है, वहां कुल कितने जमाकर्ता हैं तथा उनमें से कितनों ने राशि वापसी के लिए आवेदन किया है।

इन आंकड़ों के आधार पर जमाकर्ताओं को आनुपातिक रूप से राशि लौटाने की व्यवस्था की जा सकती है। अदालत का उद्देश्य किसी प्रभावशाली जमाकर्ता को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि आम लोगों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाना है। जिन लोगों ने 5000 या 10,000 रुपये जमा किए थे, उनकी राशि लौटाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।