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कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सीबीआई को लगाई फटकार, पूछा- क्या आपको पता नहीं यहां दो जज हैं

Published: Wed, 14 Oct 2026 09:04 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने अवैध बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई। ...और पढ़ें

कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर

कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच रिपोर्ट पर फटकारा।

  2. प्रगति रिपोर्ट की केवल एक प्रति पेश करने पर नाराजगी।

  3. अवैध बहुमंजिला इमारतों की जांच में अनियमितता का मामला।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने अवैध बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़े मामले में बुधवार को सीबीआई को फटकार लगाई।

मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वीठलराव घुगे और न्यायमूर्ति ओम नारायण राय की खंडपीठ ने जांच की प्रगति रिपोर्ट केवल एक प्रति में पेश किए जाने पर नाराजगी जताई। अदालत ने रिपोर्ट स्वीकार करने से इन्कार करते हुए नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज और पर्याप्त प्रतियां जमा करने का निर्देश दिया।

डिविजन बेंच में दो न्यायाधीश

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जांच की प्रगति रिपोर्ट खंडपीठ के समक्ष पेश की। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया कि क्या केंद्रीय जांच एजेंसी को यह जानकारी नहीं है कि हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में दो न्यायाधीश होते हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआइ जैसी प्रतिष्ठित जांच एजेंसी से इस तरह की प्रक्रियागत चूक स्वीकार्य नहीं है।

अगली सुनवाई दिसंबर में

इसके बाद खंडपीठ ने रिपोर्ट स्वीकार नहीं की और स्पष्ट किया कि अदालत के प्रशासनिक नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही दस्तावेज पेश किए जाने चाहिए। मामले की अगली सुनवाई दिसंबर में होगी। अदालत ने उस समय तक सभी नियमों का पालन करते हुए विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

50 से अधिक अवैध इमारतों की जांच कर रही सीबीआई

कलकत्ता हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इसी वर्ष सितंबर में कोलकाता के राजाबाजार, बेलेघाटा, मानिकतला और कैनाल ईस्ट रोड क्षेत्रों में 50 से अधिक अवैध बहुमंजिला इमारतों के निर्माण से जुड़े आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी थी।


अदालत के निर्देश के बाद एजेंसी इन इमारतों से संबंधित जानकारियां और फ्लैटों के कानूनी दस्तावेज जुटा रही है। सीबीआइ ने कोलकाता नगर निगम से चिह्नित 42 अवैध इमारतों से संबंधित सभी दस्तावेज भी तलब किए हैं।