कोलकाता, जेएनएन। हजारों करोड़ रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त तथा राज्य के सीआईडी के एडीजी राजीव कुमार की अग्रिम जमानत को आज कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया है। इससे राजीव कुमार को राहत मिली है।

न्यायाधीश ने कहा कि सीबीआई की ओर से पेश तमाम तथ्यों को खंगालने के बाद ऐसा नहीं लगता कि राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। हालांकि इसके साथ ही हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने कहा है कि राजीव कुमार को जब-जब सीबीआई पूछताछ के लिए बुलाएगी तो उन्हें हाजिर होना होगा। बशर्ते सीबीआई को इसके लिए 48 घंटे पहले नोटिस देना पड़ेगा। राजीव कुमार को 50000 रुपये के मुचलके पर अग्रिम जमानत मिली है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। राजीव कुमार कुमार वर्तमान में पश्चिम बंगाल सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक हैं। वह घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल में शामिल थे। उच्चतम न्यायाल ने 2014 में चिटफंड के अन्य मामलों के साथ इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने जब उन्हें गिरफ्तारी से दी गई सुरक्षा हटा ली, उसके बाद 13 सितंबर से सीबीआई उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रही है। सीबीआई ने कुमार पर इस मामले के सबूतों को नष्ट करने का आरोप लगाया है जिसमें बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेताओं सहित कई अन्य नेता या तो गिरफ्तार हुए हैं या फिर उनसे पूछताछ हुई है।

फरवरी में जब सीबीआई अधिकारी उनसे पूछताछ के लिए उनसे मिलने उनके आधिकारिक आवास पर पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए घेरा डाल दिया था और खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे ‘संघवाद पर हमला’ बताते हुए धरने पर बैठ गई थीं।

Posted By: Preeti jha

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