बंगाल: नवजात की हत्या के आरोप में साढ़े 6 साल जेल काटने वाली महिला बरी, मिली थी उम्रकैद
कलकत्ता हाई कोर्ट ने नवजात की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पाई महिला को निर्दोष करार दिया। जिसके बाद महिला को बरी किया गया।
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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। अपनी बेटी के नवजात बच्चे की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा पाई महिला को कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्दोष घोषित कर दिया। जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के न्यायमूर्ति राजाशेखर मंथा और न्यायमूर्ति ऋतब्रत कुमार मित्र की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस महिला के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सकी।
मामला 15 दिसंबर 2017 का है। जलपाईगुड़ी के मालबाजार बस स्टैंड के शौचालय में महिला की अविवाहित बेटी ने बच्चे को जन्म दिया था। आरोप था कि प्रसव के बाद महिला ने नवजात को मोंगपोंग के पास नदी में फेंक दिया।
बच्चे का शव बरामद नहीं हुआ। बेटी की एक दोस्त ने निचली अदालत में गवाही दी थी। जनवरी 2020 में कालिम्पोंग जिला अदालत ने महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
गवाही में अंतर, हत्या का प्रमाण नहीं
हाई कोर्ट ने पाया कि महिला की बेटी और उसकी दोस्त की गवाही में अंतर है। बेटी ने कहा था कि नवजात सांस नहीं ले रहा था और उन्हें लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। अदालत ने कहा कि सरकार पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि बच्चा जीवित था या उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार था।
गवाह की बातों में भी असंगतियां थीं। महिला को फरवरी 2023 में सशर्त जमानत मिली थी। हाई कोर्ट ने उसे निर्दोष घोषित करते हुए जमानत की शर्तें भी शिथिल कर दी हैं।
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