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बिना ड्राइविंग लाइसेंस भी मिलेगा दुर्घटना मुआवजा, कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Published: Sat, 03 Oct 2026 08:50 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस न होने के बावजूद सड़क दुर्घटना में ...और पढ़ें

कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

कलकत्ता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

HighLights

  1. लाइसेंस न होने पर भी दुर्घटना मुआवजा मिलेगा।

  2. कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया 6.5 लाख मुआवजा।

  3. नदिया के किशोर की सड़क हादसे में हुई थी मौत।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं होना कानूनन अपराध है, लेकिन इसके आधार पर दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिवार को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।

कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बिश्वरूप चौधरी ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। कोर्ट ने मृत किशोर के परिवार को 6.5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

मामला दिसंबर 2016 का है। नदिया के रानाघाट के भादुड़ी नयाखालीपाड़ा में 17 वर्षीय किशोर की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार ने मुआवजे का दावा किया तो बीमा कंपनी ने कहा कि मृतक नाबालिग था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। कंपनी ने हादसे में किशोर की भी आंशिक गलती होने का दावा किया।

किशोर स्कूटी से जा रहा था, पीछे से एक कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी थी। कृष्णनगर जिला कोर्ट ने पहले करीब 1.75 लाख रुपये मुआवजा तय किया था। इसके खिलाफ मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट में परिवार के वकील ने किशोर की आय और भविष्य की संभावित आय का विवरण पेश किया।

आय के आधार पर मुआवजे की राशि तय

हालांकि, नियोक्ता को कोर्ट में पेश नहीं किए जाने के कारण छह हजार रुपये मासिक आय का दावा स्वीकार नहीं किया गया। कोर्ट ने चार हजार रुपये मासिक आय के आधार पर अन्य निर्धारित मानकों के साथ मुआवजे की गणना की।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि दुर्घटना किशोर की लापरवाही के कारण हुई थी। बीमा कंपनी को 6.5 लाख रुपये के मूल मुआवजे के साथ दावा दायर करने की तारीख से छह प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। यह राशि फैसला सुनाए जाने के आठ सप्ताह के भीतर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करनी होगी।