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रोजवैली के 550 करोड़ रुपये लौटाने की समय सीमा तय, 2027 तक संपत्तियां बेचने का हाई कोर्ट का निर्देश

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:33 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने रोजवैली चिटफंड मामले में जमाकर्ताओं को रकम लौटाने के लिए 28 फरवरी 2027 तक की समय सीमा तय की है।

रोजवैली के 550 करोड़ रुपये लौटाने की समय सीमा तय।

रोजवैली के 550 करोड़ रुपये लौटाने की समय सीमा तय।

HighLights

  1. रोजवैली जमाकर्ताओं को 28 फरवरी 2027 तक रकम लौटाई जाएगी।

  2. 15 नवंबर 2026 तक 550 करोड़ रुपये वितरित करने का निर्देश।

  3. ईडी को शेष संपत्तियों पर कार्रवाई और फोरेंसिक ऑडिट का आदेश।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। रोजवैली चिटफंड मामले में जमाकर्ताओं को रकम लौटाने में देरी पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूरी प्रक्रिया के लिए समय सीमा तय कर दी है।

न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज और न्यायमूर्ति सुदीप देव की खंडपीठ ने मंगलवार को निर्देश दिया कि 28 फरवरी 2027 तक सभी शेष संपत्तियां बेचकर पात्र जमाकर्ताओं को उनकी रकम लौटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। समिति को हर महीने अदालत में अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करनी होगी।

अदालत ने निर्देश दिया कि 15 नवंबर 2026 तक खाते में मौजूद करीब 550 करोड़ रुपये 32,43,220 लंबित दावों के आधार पर पात्र जमाकर्ताओं में बांटे जाएं।

अदालत के अनुसार, करीब 11 वर्षों में समिति के पास लगभग 600 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 55.45 करोड़ रुपये का वितरण हुआ है। इस अवधि में केवल 10 संपत्तियों की नीलामी और 80 का मूल्यांकन पूरा हुआ है।

अनधिकृत समझौतों पर रोक, कार्रवाई के लिए ईडी को निर्देश

अदालत ने कहा कि समिति का मुख्य काम रोजवैली की संपत्तियां बेचकर जमाकर्ताओं को रकम लौटाना था। समिति की देखरेख वाली चॉकलेट होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तीसरे पक्ष के साथ किए गए होटल संचालन संबंधी समझौतों को अदालत ने अधिकार के बिना किया गया मानते हुए शुरू से ही रद घोषित कर दिया।

हाई कोर्ट ने जब्त नहीं हुई शेष संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई के लिए ईडी को निर्देश दिया है। सीरियस फ्रॉड इंस्टिगेशन ऑफिस को 31 दिसंबर 2026 तक फोरेंसिक ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर प्रक्रिया न्यायमूर्ति एसपी तालुकदार की एक सदस्यीय समिति को सौंपने की बात भी अदालत ने कही है।