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बारुईपुर हिंसा मामले HC का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का पक्षकार के रूप में नाम हटाने का निर्देश

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:06 PM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बारुईपुर हिंसा मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम पक्षकार के रूप में हटाने का निर्देश ...और पढ़ें

हाई कोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी का नाम पक्षकार से हटाने का निर्देश दिया

हाई कोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी का नाम पक्षकार से हटाने का निर्देश दिया

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी का नाम पक्षकार से हटाने का निर्देश दिया।

  2. माकपा नेता लहेक अली की एफआइआर रद्द करने से हाई कोर्ट ने किया इनकार

  3. दुर्गापूजा की छुट्टियों के बाद राज्य और याचिकाकर्ता दाखिल करेंगे हलफनामा

राज्य ब्यूरो,कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को बारुईपुर हिंसा से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम पक्षकार के रूप में हटाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने माकपा नेता लहेक अली के खिलाफ दर्ज एफआइआर रद करने की मांग पर तत्काल कोई आदेश नहीं दिया। अली को बारुईपुर हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल अंतरिम जमानत पर हैं।

अली के अधिवक्ता व वरिष्ठ माकपा नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि याचिका जमानत के लिए नहीं, बल्कि एफआइआर रद करने के लिए है। उनका दावा था कि मुख्यमंत्री के बयान के बाद अली को निशाना बनाते हुए मामला दर्ज किया गया।

राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अदालत में सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को इस मामले में पक्षकार क्यों बनाया गया है और उनका नाम हटाया जाना चाहिए।

दुर्गापूजा के बाद होगी अगली सुनवाई

अदालत ने कहा कि अली अंतरिम जमानत पर हैं, इसलिए फिलहाल किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है। राज्य को दुर्गापूजा की छुट्टियों के बाद अपना पक्ष हलफनामे के माध्यम से दाखिल करने को कहा गया है।

इसके बाद याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। मामला 11 जुलाई की उस घटना से जुड़ा है, जिसमें उत्तर 24 परगना के बारुईपुर में एक नाबालिग के दुष्कर्म और हत्या के विरोध के दौरान इंद्रजीत मंडल की भीड़ ने कथित रूप से पीटकर हत्या कर दी थी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना के पीछे सांप्रदायिक कोण और उकसावे की बात कही थी। इसके अगले दिन भाजपा मंडल अध्यक्ष गौतम चक्रवर्ती की शिकायत पर अली के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उन्हें गिरफ्तार किया गया था।विकास रंजन भट्टाचार्य ने हाई कोर्ट के नाम हटाने के निर्देश पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके खिलाफ अपील की जाएगी।

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