चलती ट्रेन से गिरकर व्यक्ति की मौत, HC ने परिवार को 4 लाख रुपए मुआवजा देने का दिया आदेश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 2015 में चलती ट्रेन से गिरने से मारे गए सरफुल शेख के परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
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कलकत्ता हाई कोर्ट ने 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
सरफुल शेख की 2015 में चलती ट्रेन से गिरकर मौत हुई थी।
कोर्ट ने रेलवे दावा न्यायाधिकरण का पिछला आदेश रद्द किया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 2015 में चलती ट्रेन से गिरने से मारे गए सरफुल शेख के परिवार को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति बिश्वरूप चौधरी ने फैसले में रेलवे दावा न्यायाधिकरण के जनवरी 2020 के उस आदेश को रद कर दिया, जिसमें सरफुल की मौत को उसकी लापरवाही का नतीजा मानते हुए मुआवजा देने से इन्कार किया गया था।
कोर्ट ने कहा कि सरफुल के पास आठ जुलाई 2015 को सियालदह स्टेशन से खरीदा गया ट्रेन टिकट मिला था। इससे यह साबित होता है कि वह टिकट लेकर यात्रा कर रहा था। अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में सफल रहे कि उसकी मौत लापरवाही के कारण नहीं हुई और परिवार मुआवजे का हकदार है।
सरफुल उस रात सियालदह से लालगोला लोकल ट्रेन में मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव लौट रहा था। याचिकाकर्ताओं के वकील के अनुसार, तड़के ट्रेन के सरगाछी स्टेशन पहुंचने पर भारी भीड़ के कारण सरफुल को जल्दबाजी में उतरना पड़ा।
इसी दौरान वह प्लेटफार्म संख्या दो की पटरी पर गिर गया और ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने रेलवे को चार लाख रुपये मुआवजे के साथ दावा दायर करने की तारीख से फैसले तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है।
