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बंगाल: 16 नगरपालिकाओं में भवन नक्शों और प्रॉपर्टी टैक्स का ऑडिट करेगी CAG, होगी गहन जांच

Published: Mon, 26 Oct 2026 07:48 PM (IST)

कैग अब बंगाल की 16 नगरपालिकाओं में भवन निर्माण की अनुमति, अवैध निर्माण और संपत्ति कर निर्धारण व वसूली की जांच करेगा।

16 नगरपालिकाओं में पांच साल के निर्माण और संपत्ति कर का ऑडिट करेगा कैग

16 नगरपालिकाओं में पांच साल के निर्माण और संपत्ति कर का ऑडिट करेगा कैग

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की 16 नगरपालिकाओं में भवन निर्माण की अनुमति देने की प्रक्रिया, अवैध निर्माण की आशंका और संपत्ति कर के निर्धारण व वसूली की व्यवस्था की जांच अब भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की विशेष ऑडिट टीम करेगी। इसके तहत वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के पांच वर्षों के रिकार्ड खंगाले जाएंगे।

देश के 22 राज्यों की चयनित नगरपालिकाओं में चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य शहरी निकायों में प्रशासनिक खामियों की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए सुझाव देना है। बंगाल के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने संबंधित नगरपालिकाओं को आडिट के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

कैग के इस विशेष अभियान को 'हारिजेंटल रिव्यू' नाम दिया गया है। बंगाल में कांथी के अलावा आसनसोल, सिलीगुड़ी, दक्षिण दमदम, डोमकल, हल्दिया, हालीशहर, बरानगर, कृष्णनगर, उलूबेड़िया, दार्जिलिंग, उत्तरपाड़ा-कोतरंग, श्रीरामपुर, बोलपुर, टाकी और कर्सियांग नगरपालिकाओं को इसके दायरे में रखा गया है।

बंगाल के एग्जामिनर ऑफ लोकल अकाउंट्स ने पांच अक्टूबर को राज्य सरकार को पत्र भेजकर इस पहल की जानकारी दी थी। इसके बाद 13 अक्टूबर को नगर एवं शहरी विकास विभाग ने संबंधित निकायों को आवश्यक सहयोग देने के लिए पत्र भेजा। जांच के दायरे में आने वाली अवधि में इन नगरपालिकाओं में तृणमूल कांग्रेस का शासन था।

भवन नक्शे से लेकर कर वसूली तक होगी पड़ताल

कैग की टीम यह जांचेगी कि मकान और बहुमंजिली इमारतों के नक्शे मंजूर करते समय निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं। आवेदनों के निपटारे में अनावश्यक देरी, स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण और अवैध निर्माण की आशंका वाले मामलों की भी पड़ताल होगी। साथ ही संपत्ति कर के लिए योग्य संपत्तियों का पंजीकरण, कर निर्धारण, बकाया राजस्व, वसूली और संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।

भवन निर्माण की अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड का संपत्ति कर के हिसाब से मिलान भी किया जाएगा। इससे ऐसी संपत्तियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिनका कर निर्धारण सही तरीके से नहीं हुआ है। आडिट रिपोर्ट संबंधित विधानसभा में पेश की जाएगी। इसके आधार पर प्रशासनिक सुधारों के सुझाव दिए जा सकते हैं और यदि किसी मामले में अनियमितता सामने आती है, तो राज्य सरकार आगे की जांच का फैसला कर सकती है।

नगर एवं शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में कैग की सिफारिशें राज्य सरकार के लिए उपयोगी हो सकती हैं।