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बक्सा के जंगल में फिर गूंजी रॉयल बंगाल टाइगर की दहाड़, बिहार से लाई गई बाघिन को छोड़ा गया

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:26 PM (IST)

बिहार से लाई गई एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया, जिससे क्षेत्र में रौनक लौट आई। मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

बक्सा के जंगल में फिर रॉयल बंगाल टाइगर की गूंज।

बक्सा के जंगल में फिर रॉयल बंगाल टाइगर की गूंज।

HighLights

  1. बाघिन को बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से बक्सा लाया गया।

  2. बक्सा-मानस को मिलाकर विश्व स्तरीय वन पर्यटन स्थल बनेगा।

  3. 2029 तक बक्सा को टाइगर हैबिटैट बनाने का लक्ष्य।

संवाददाता, अलीपुरद्वार। लंबे इंतजार के बाद, शुक्रवार को बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से लाई गई एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा गया।

बाघिन को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव, वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव और वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में जंगल में छोड़ा गया।

वर्ल्ड क्लास फॉरेस्ट टूरिज्म बनाने की योजना

इसके बाद, मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से अलीपुरद्वार परेड ग्राउंड पहुंचे। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अलीपुरद्वार में बक्सा और असम में मानस नेशनल पार्क को मिलाकर लगभग 2,000 एकड़ इलाके की पहचान करके एक वर्ल्ड-क्लास फॉरेस्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री द्वारा प्रस्तावित इस योजना को जल्द ही ज़मीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।

बक्सा को टाइगर हैबिटेट की तरह विकसित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य 2029 तक बक्सा को टाइगर हैबिटैट के रूप में विकसित करना है। उन्होंने पिछली सरकार पर बक्सा टाइगर रिजर्व के विकास के लिए पर्याप्त काम न करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में सरकार बदलने के बाद ही बाघिन को बक्सा लाया गया।

मुख्यमंत्री ने अलीपुरद्वार जिले में प्राकृतिक संसाधनों के कथित दोहन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अब ध्यान जंगलों, नदियों और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ इस क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करने पर होगा। उन्होंने कहा कि जलदापारा और बक्सा के जंगलों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जाएगा।

जनजातीय गौरव दिवस पर अलीपुरद्वार का करेंगे दौरा

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह 15 नवंबर को आने वाले 'जनजातीय गौरव दिवस' पर अलीपुरद्वार का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि कम बात, ज्यादा काम की नीति के तहत अलीपुरद्वार का विकास किया जाएगा।

चाय बागानों के मुद्दे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद पड़े चाय बागानों को धीरे-धीरे फिर से खोलने की कोशिशें चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि चाय बागान श्रमिकों के लिए केंद्र से ₹312 करोड़ की धनराशि हासिल की गई है।