राज्य ब्यूरो, कोलकाता । सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए भी किसी देवदूत से कम नहीं हैं। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत बीएसएफ के जवान लोगों के सुख दुख में साथ देकर लगातार मानवता का परिचय दे रहे हैं। इसी क्रम में बंगाल के मालदा जिले में तैनात बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत 70वीं बटालियन के जवानों ने एक बार फिर मानवता का परिचय देते हुए प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को सही समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी और उसकी होने वाले नवजात बच्चे की जान बचाने में मदद की। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मालदा में बीएसएफ की सीमा चौकी एमएसपुर इलाके की है, जब शनिवार को यह मामला सामने आया।

महिला का नाम नपीशा खातून है। सीमा चौकी एमएसपुर के कंपनी कमांडर से महिला के पति ने उसको अस्पताल ले जाने के लिए मदद मांगी। कंपनी कमांडर ने तत्काल प्रशिक्षित नर्सिंग सहायक के साथ बीएसएफ एंबुलेंस को अस्पताल ले जाने के लिए मरीज के घर ले भेज दिया। प्रसव पीड़ा के दर्द से तड़प रही महिला को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोलापगंज, मालदा ले जाया जा रहा था, तभी उन्होंने रास्ते में ही गांव सारदा के पास एक बच्ची को जन्म दे दिया। बाद में मां और बेटी को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। डाक्टरों ने बताया कि मां और बच्चा दोनों की हालत सामान्य है। इधर, इस प्रकरण पर 70वीं वाहिनी के कमांडिंग आफिसर ने समय पर कार्रवाई करने वाले जवानों की सराहना की जिससे गर्भवती महिला और नवजात शिशु का जीवन सुरक्षित हो गया।

सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है बीएसएफ

इधर, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर बीएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि बीएसएफ के जवान सीमा सुरक्षा के अपने नियमित काम के अलावा, सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं, जिसके कारण बल और स्थानीय निवासियों के बीच आपसी संबंध और प्रगाढ़ हो रहे हैं। 

Edited By: Priti Jha