कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक बार फिर एक बांग्लादेशी महिला व दलाल को गिरफ्तार किया है। मानव तस्करी में शामिल दलाल की मदद से महिला रात के अंधेरे में अवैध रूप से बॉर्डर पार कर वापस बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रही थी उसी दौरान दोनों को दोबिला सीमा चौकी इलाके से सोमवार को पकड़ा गया।

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में महिला ने अपना नाम नसरीन बेगम बताया और स्वीकार किया है कि वह 5 साल पहले अपने पति के साथ भारत आई थी। इसके बाद से वह मुंबई के नालासोपारा में पति के साथ रह रही थी और वह वहां पर एक घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है। उसका पति वहां एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करता है। पति-पत्नी दोनों बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए तस्करों की मदद से अवैध रूप से सीमा पार करना चाह रही थी। हालांकि उसका पति सीमा पार करने में सफल रहा, लेकिन महिला पकड़ी गई।

कैसे पकड़ में आई महिला

अधिकारियों ने बताया कि एक खुफिया सूचना के आधार पर दोबिला सीमा चौकी इलाके में तैनात 153वीं बटालियन के जवानों ने बॉर्डर रोड पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 23 अगस्त की रात लगभग 11:15 बजे एक लाल रंग की मोटरसाइकिल मल्हीपुर गांव से दोबिला बॉर्डर की तरफ आ रही थी।जवानों ने मोटरसाइकिल रोका और शुरुआती पूछताछ में बांग्लादेशी महिला अपना पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद जवानों ने मोटरसाइकिल ड्राइवर चयम सरदार और बांग्लादेशी महिला को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। बाद में पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेशी की रहने वाली है और और दलाल की मदद से वापस अपने देश जाने की कोशिश कर रही थी।

महिला ने कहा कि मुंबई के नालासोपारा में वह घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है और उसे इसके बदले ₹12,000 महीना मिलता है। उसका पति फिरदौस वहीं एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करता है। 23 अगस्त को वह दोनों मुंबई से कोलकाता पहुंचे। फिर कोलकाता से सीमावर्ती गांव तेंतुलिया आए। वहां पर दलाल लिटन मंडल, ग्राम- तेंतुलिया से मुलाकात हुई और उन्होंने दोनों को बॉर्डर क्रॉस कराने का भरोसा दिलाया।

सीमा पार कराने के लिए दलाल ने लिए थे 16,000 रुपये

सीमा पार कराने के लिए महिला के पति ने लिटन मंडल को 16,000 रुपये दिए। फिर लिटन मंडल ने तेंतुलिया से दोबिला बॉर्डर आने के लिए दो मोटरसाइकिल का इंतजाम किया।इसके बाद लिटन ने उसके पति और बेटे को अपने मोटरसाइकिल पर बैठाया और अपने साथी दलाल चयम सरदार के मोटरसाइकिल पर बांग्लादेशी महिला को बैठाया। लिटन मंडल तो बीएसएफ चेकपोस्ट क्रॉस करने में सफल रहा, लेकिन उसका दूसरा साथी चयन सरदार बांग्लादेशी महिला के साथ पकड़ा गया।

चयन सरदार ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसे अपने साथी लिटन मंडल से बाइक मिला और उसने उसे कहा कि इस बांग्लादेशी महिला को दोबिला में पहुंचाओं लेकिन वह पकड़ा गया और उसका साथी लिटन मंडल वहां से भागने में सफल रहा।

इधर, बीएसएफ में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पकड़ी गई बांग्लादेशी महिला और भारतीय दलाल को आगे की स्वरूप नगर थाने को सौंप दिया है। 

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