कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास तस्करी को नाकाम करते हुए 70 बोतल प्रतिबंधित फेंसिडिल कफ सिरप के साथ एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

बीएसएफ की ओर से एक बयान में बताया गया कि जब्त फेंसिडिल का बाजार मूल्य 11,878 रुपये है और इसकी बॉर्डर आउट पोस्ट खलसी इलाके से अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराकर बांग्लादेश में तस्करी की कोशिश की जा रही थी। बयान के मुताबिक, आठ मई को फेंसिडिल की तस्करी के संबंध में विश्वस्त खुफिया इनपुट पर, बॉर्डर आउट पोस्ट खलसी,153वीं बटालियन, सेक्टर कोलकाता के जवानों ने मल्लिकपुर-डोबिला रोड पर तलाशी अभियान चलाया। शाम के समय बीएसएफ पार्टी ने एक संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही देखी, जो मल्लिकपुर से डोबिला की तरफ बाइक से आ रहा था।

बीएसएफ पार्टी ने बाइक को चेकिंग के उद्देश्य से रोका और चेकिंग के दौरान सीट के अंदर से 70 बोतल फेंसिडिल बरामद हुई। इसके बाद बाइक सवार को हिरासत में ले लिया और बाइक को फेंसिडिल के साथ जब्त कर लिया गया। पकड़े गए तस्कर की पहचान लाल्टू मोल्ला (32), ग्राम+ पोस्ट- दत्तपारा, थाना - स्वरूपनगर, जिला- उत्तर 24 परगना के रूप में हुई है।पूछताछ में गिरफ्तार लाल्टू मोल्ला ने कहा कि वह दत्तपारा निवासी एक भारतीय नागरिक है। उन्होंने खुलासा किया कि वह एक फेंसिडिल वाहक के रूप में काम करता है और यह खेप दिलीप (50), ग्राम+पोस्ट- ​​दत्तपारा, थाना - स्वरूपनगर, जिला - उत्तर 24 परगना की है। यह खेप उसे सत्यजीत रॉय, ग्राम - डोबिला, पोस्ट- ​​काजुरी, थाना- स्वरूपनगर, जिला- उत्तर 24 परगना को देना था। सत्यजीत का घर सीमा क्षेत्र के पास है और वह इन वस्तुओं की तस्करी बांग्लादेश में करता है।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बाइक उसके दोस्त की है, जिसका नाम राजू है और वह ​​दत्तपारा गांव का ही रहने वाला है। जब्त किए गए सामान के साथ गिरफ्तार तस्कर को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस स्टेशन स्वरूपनगर को सौंप दिया गया है।

बीएसएफ कमांडेंट ने जवानों की प्रशंसा की

इधर, एसके शाशनी, कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर, 153 वाहिनी, बीएसएफ ने अपने सैनिकों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की है, जिसके परिणामस्वरूप फेंसिडिल के साथ एक तस्कर को पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि यह केवल ड्यूटी पर उनके सैनिकों द्वारा प्रदर्शित सतर्कता के कारण ही संभव हो सका है।