कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बंगाल के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जवानों ने बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नादिरखाना सीमा चौकी इलाके में तस्करी को नाकाम करते हुए 1325 फेंसिडिल की बोतलों समेत 2 तस्करों को गिरफ्तार किया। फेंसिडिल कि बांग्लादेश में तस्करी की कोशिश की जा रही थी। नादिरखाना सीमा चौकी में तैनात 24वीं बटालियन के जवानों ने मंगलवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया। 

पकड़े गए तस्करों के नाम अब्दुल शेख (25) एवं महिबुल शेख (25) है। दोनों तस्कर मालदा के इंग्लिश बाजार थाना अंतर्गत महादीपुर गांव का रहने वाला है।पूछताछ में दोनों ने इलाके के अन्य फेंसिडिल तस्करों के नाम भी उजागर किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 28 जुलाई को बीएसएफ के खुफिया विभाग ने विश्वसनीय सूचना दी कि नादिरखाना सीमा चौकी इलाके में कुछ तस्कर फेंसिडिल की तस्करी के लिए छुपकर बैठे हुए है। इसके बाद बीएसएफ की एक टीम ने निगरानी शुरू की। सुबह लगभग 3:20 बजे सीमा के पास तस्करों की हरकत दिखाई दी। जैसे ही तस्कर सीमा रेखा के पास अपने गलत मंसूबे से आए पहले से घात लगाए जवानों ने इनमें से दो तस्करों को धर दबोचा। तस्कर लगभग 8 से 10 के गुट बनाकर फेंसिडिल को बांग्लादेश की तरफ फेंकने के मनसूबों से वहां आए थे। 2 को छोड़ बाकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब रहे। मौके से 1325 बोतल फेंसिडिल बरामद किया गया।

गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में पता चला कि यह फेंसिडिल की खेप उन्हें इंताज शेख (32), गांव- खिर्की, महादिपुर, थाना - इंग्लिश बाजार,जिला - मालदा व उसके साथी धासू घोष जो कि गांव सगरदीघी, जिला मालदा का है, ने दी थी। इन फेंसिडिल के बैग को अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर बांग्लादेश की तरफ ले जाने पर उन्हें 500 रुपये प्रति बैग (पोटला) देने का वादा हुआ था और बांग्लादेश पहुंचने पर यह सामान महादुर शेख, गांव-सीलमारा, थाना-शिवेगंज, जिला-चपाईनवाबगंज (बांग्लादेश) नाम के व्यक्ति को देना था। लेकिन जवानों की तत्परता के कारण तस्करों के मंसूबे विफल हो गए।

मालदा से इस साल 24 तस्कर गिरफ्तार व 45,590 फेंसिडिल की बोतलें जब्त

इधर, 24वीं बटालियन के कमाण्डेन्ट अनिल कुमार होतकर ने बताया कि मुस्तैद जवानों द्वारा दिन एवं रात ड्यूटी में दिखाई हुई तत्परता के कारण तस्कर अपने मनसूबों में कामयाब नही हो रहे है। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की तरफ से "शून्य तस्करी" अभियान दृढ़़ संकल्पता के तहत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से सीमावर्ती इलाकों के रहने वाले श्रमिक तथा किसान अपने गांव में वापस लौट चुके हैं। जिनकी मजबूरी का फायदा बड़े तस्कर उठाते है और उन्हें कम समय में ज्यादा पैसों का लालच देकर तस्करी जैसे गैरकानूनी कार्यो में शामिल करा रहे हैं।

दरअसल मालदा का कालियाचक इलाका सभी प्रकार की तस्करी के लिए पूरे देश में कुख्यात है। हालांकि 24वीं बटालियन, बीएसएफ के जवानों द्वारा निरंतर चलाए जा रहे अभियानों की वजह से अपनी जिम्मेवारी के इलाके से चालू वर्ष 2020 के दौरान अबतक 45,590 फेंसिडिल की बोतलें और 23 भारतीय तस्कर तथा 1 बांग्लादेशी तस्कर को पकड़ने में कामयाबी हासिल हुई है। 

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