राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कोलकाता नगर निगम(केएमसी) चुनाव में मत प्रतिशत के मामले में माकपा नीत वाम दलों का दूसरे स्थान पर आना विपक्षी मतों के विभाजन की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि उनकी पार्टी 111 अन्य नगर निकायों के चुनाव में यह साबित कर देगी कि टीएमसी का प्रमुख विपक्ष कौन है। मजूमदार ने दावा किया कि भाजपा को किनारे रखने के टीएमसी के 'गेम प्लान' का फायदा वाम मोर्चे को हुआ।

उन्होंने कहा कि यह विपक्षी मतों के विभाजन की टीएमसी की रणनीति का हिस्सा है ताकि वह आराम से चुनाव जीत सके। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मत प्रतिशत के मामले में वाम मोर्चे के छलांग लगाकर दूसरे स्थान पर पहुंचने का टीएमसी स्वागत कर रही है। मजूमदार से जब यह पूछा गया कि क्या बंगाल में वाम दल भाजपा की तुलना में मजबूत हो रहे हैं तो उन्होंने कहा,'ऐसी कोई संभावना नहीं है, क्योंकि भाजपा राज्य में मुख्य विपक्षी दल है।' उन्होंने दावा किया कि टीएमसी इस बात को लेकर मतदाताओं के बीच असमंजस पैदा कर रही है कि राज्य में कौन मुख्य विपक्षी दल है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसे बंगाल में 111 अन्य नगर निकायों के चुनाव के दौरान समझ में आ जाएगा कि कौन मुख्य विपक्ष है।

केएमसी के कुल 144 वार्डों में हुए चुनाव में वाम मोर्चे को 11.13 फीसद वोट मिले, जबकि उसने दो सीटें जीतीं। वहीं, भाजपा को 8.94 फीसद मत मिले और उसने तीन सीटों पर जीत हासिल की। टीएमसी 71.95 प्रतिशत मत हासिल करते हुए 134 सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की और उसे 4.47 प्रतिशत मत मिले। इधर माकर्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तृणमूल कांग्रेस पर वोट लूटकर कोलकाता नगर निगम (केएमसी) का चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।

वरिष्ठ माकपा नेता राबिन देब ने चुनाव के नतीजे आने के बाद कहा-'वोट लूटने के लिए तृणमूल, राज्य चुनाव आयोग और पुलिस सब एकजुट हो गए थे। भाजपा ने भी इसमें मदद की। तृणमूल लोकतंत्र की निर्ममतापूर्वक हत्या कर रही है। माकपा तृणमूल के काले कारनामों का पर्दाफाश करना जारी रखेगी।Ó देब ने आगे कहा-'वाममोर्चा ने दो वार्ड में जीत दर्ज की। कुछ वार्ड में हम बहुत कम वोटों के अंतर से हारे हैं। हमें 11 प्रतिशत वोट मिले हैं, जो पिछले दो चुनावों की तुलना में पांच प्रतिशत ज्यादा है। तृणमूल को 90 प्रतिशत सीटें और 72 प्रतिशत वोट दिलाने में भाजपा ने मदद की है। तृणमूल ने भी त्रिपुरा में हुए नगर निकायों के चुनाव में भाजपा की मदद की थी। 

Edited By: Priti Jha