राज्य ब्यूरो, कोलकाताः आखिरकार दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालूरघाट के भाजपा सांसद को गरीबों तक राहत सामग्री पहुंचाने की अनुमति मंगलवार को मिल गई। कोरोना वायरस को लेकर जारी निर्देशानुसार सांसद को राहत सामग्री लोगों के बीच बांटना होगा। बालूरघाट के भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार को कोरोना से लड़ने के लिए गरीब लोगों में राहत सामग्री बांटने से रोका जा रहा था। जिला पुलिस प्रशासन उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। यह आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने देवांग्शु बसाक ने फैसला सुनाया कि सांसद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों को मानते हुए राहत सामग्री लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

यहां भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि यदि कोरोना महामारी के संकट काल में एक सांसद को अपने संसदीय क्षेत्र में सामग्री बांटने से रोका जा सकता है तो इसी समझ आता है कि सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस बंगाल में किस तरह की राजनीति कर रही है। तृणमूल के नेता, मंत्री, यहां तक कि पार्षद तक लोगों के बीच जा सकते हैं, लेकिन भाजपा के सांसद व विधायक नहीं? बताते चलें कि एम्फन तूफान प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटने जा रहे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष से लेकर सांसद लॉकेट चटर्जी, अर्जुन सिंह तक को नहीं जाने दिया गया। यही नहीं इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने का आरोप तृणमूल पर लगा था।  

Posted By: Vijay Kumar

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