बंगाल:एंटीक सामान का झांसा देकर भोपाल के कारोबारी का अपहरण, कोलकाता पुलिस ने जाल बिछाकर तीन अपहर्ताओं को दबोचा
भोपाल के एक कारोबारी को एंटीक सामान के बहाने कोलकाता बुलाकर अपहरण कर लिया गया और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।

भोपाल के कारोबारी को कोलकाता बुलाकर किया किडनैप
HighLights
भोपाल के कारोबारी को एंटीक सामान के बहाने कोलकाता बुलाया गया।
अपहरण कर 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई।
पुलिस ने तीन अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर कारोबारी को सकुशल मुक्त कराया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। एंटीक सामान के सौदे के बहाने भोपाल के एक कारोबारी को कोलकाता बुलाकर अपहरण कर लिया गया। इसके बाद उनके बेटे से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। शिकायत मिलते ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर तीन अपहर्ताओं को धर दबोचा और उनके चंगुल से प्रेम सिंह सोलंकी नामक उक्त कारोबारी को सकुशल मुक्त करा लिया।
अपहर्ताओं ने प्रेम सिंह के बेटे को फोन कर धमकी दी थी कि रुपये नहीं मिले तो उसके पिता की हत्या कर दी जाएगी। बेटे ने एनएससीबीआई एयरपोर्ट थाने को पिता के अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और कोलकाता के वीआइपी रोड के हल्दीराम इलाके से तीन अपहर्ताओं को धर दबोचा। अपहरण में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अपहर्ताओं के नाम गोपाल दास, शमीम गाजी और रजत विश्वास है। गिरफ्तार तीनों आरोपितों को शनिवार को बैरकपुर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने गोपाल और रजत को 30 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया जबकि शमीम, जो वाहन चालक था, को जेल हिरासत में भेज दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रेम सिंह को सस्ते दाम पर एंटीक सामान उपलब्ध कराने का झांसा देकर कोलकाता बुलाया गया था। कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट स्थित एक स्थान पर जाने को कहा गया।
बशीरहाट पहुंचने पर उन्हें वहां कोई नहीं मिला। वे वापस कोलकाता लौट रहे थे। तभी रास्ते में चार-पांच नकाबपोश बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोक ली और उन्हें बलपूर्वक उठाकर अपनी गाड़ी से अज्ञात ठिकाने पर ले गए।
फिरौती लेने पहुंचे तो पुलिस ने दबोचा
इसके बाद उन्होंने कारोबारी के भोपाल स्थित घर पर फोन कर उनके बेटे को 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटा तुरंत विमान से कोलकाता पहुंचा और एयरपोर्ट थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू की और जाल बिछाया।
पुलिस के कहने पर बेटे ने फिरौती की रकम देने की बात कहकर अपहर्ताओं को वीआइपी रोड स्थित हल्दीराम मोड़ के पास बुलाया। जैसे ही बदमाश वहां पहुंचे, सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। गिरफ्तार आरोपितों में से दो ने खुद को सीमा शुल्क विभाग का पूर्व अधिकारी बताया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं और इसके तार किसी अंतरराज्यीय ठग गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
