राज्य ब्यूरो, कोलकाता : गठबंधन में बंगाल कांग्रेस की भूमिका को लेकर वाममोर्चा ने सवाल उठाए हैं। वाममोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर में उम्मीदवार नहीं खड़ा कर प्रचार करने से हाथ खींच लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा के बाद भी कि कांग्रेस शमसेरगंज और जंगीपुर में प्रचार में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।

चूंकि शमसेरगंज में कांग्रेस के उम्मीदवार लड़ने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में अब कहा जा रहा है कि कांग्रेस अपना चुनाव चिन्ह दिखाकर समर्थन मांगेगी। ऐसे में माकपा के पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य ने संकेत दिया कि अगर गठबंधन टूट गया तो उसकी जिम्मेदारी कांग्रेस पर आ जाएगी।

त्रिपुरा में माकपा कार्यालय और वामपंथी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भाजपा के हमले के विरोध में और संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलाई गई 27 सितंबर की हड़ताल के समर्थन में वाममोर्चा और भाकपा (माले) लिबरेशन फ्रंट ने मंगलवार को कोलकाता के धर्मतला में एक बैठक की। बैठक के बाद बिमान बसु ने कहा कि हम गठबंधन तोड़ना नहीं चाहते। अगर गठबंधन टूट जाता है, तो लोग कांग्रेस की भूमिका देखेंगे।

वाममोर्चा के अध्यक्ष ने याद दिलाया कि इस बार विधानसभा चुनाव में समझौता होने के बाद भी कांग्रेस ने वाममोर्चा के हिस्से वाले जयपुर निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार खड़ा किया था। अब वे बिना किसी चर्चा के गठबंधन में एकतरफा ले रहे हैं। विधानसभा का चुनाव संयुक्त मोर्चे के नाम पर लड़ा गया था।

Edited By: Vijay Kumar