राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल की हाई प्रोफाइल भवानीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले राजनीतिक संग्राम तेज हो गया। प्रदेश भाजपा ने अब यहां से पार्टी प्रत्याशी प्रियंका टिबड़ेवाल के साथ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि कोलकाता पुलिस के डीसीपी साउथ डिवीजन आकाश मेघारिया ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं प्रियंका टिबड़ेवाल के साथ बदसलूकी की है।

भाजपा ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) को चिट्ठी लिखकर डीसीपी आकाश मेघारिया को संस्पेंड करने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि भवानीपुर से उम्मीदवार प्रियंका के खिलाफ ये बदसलूकी उस वक्त हुई, जब वे गुरुवार शाम एक भाजपा नेता के शव को लेकर कालीघाट में ममता बनर्जी के घर के सामने प्रदर्शन करने पहुंची थीं।रोके जाने पर इस दौरान भाजपा नेताओं की पुलिस के साथ हाथापाई भी हुई थी।

सीएम आवास के पास शव के साथ प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज किया मामला

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास पार्टी नेता के शव के साथ प्रदर्शन करने व इसे रोके जाने पर पुलिस के साथ हाथापाई की घटना के खिलाफ पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, प्रियंका टिबड़ेवाल समेत अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

कालीघाट पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया है। मजूमदार व प्रियंका के अलावा सांसद अर्जुन सिंह, सांसद ज्योर्तिमय सिंह महतो का भी इसमें नाम है। दरअसल, विधानसभा चुनाव में मगराहाट पश्चिम सीट से प्रत्याशी रहे मानस साहा की मौत के बाद उनके शव को लेकर भाजपा नेता ममता के आवास के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

बंगाल को ग्रेटर बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता : मजूमदार

दूसरी ओर, बंगाल में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बने सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह बंगाल को ग्रेटर बांग्लादेश बनाना चाहती हैं। यहां एक सम्मेलन में बोलते हुए मजूमदार ने कहा कि वोट बैंक की खातिर ममता न सिर्फ बांग्लादेशियों को प्रश्रय दे रही है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी यह गंभीर चिंता का विषय है।

इसके साथ ही मजूमदार ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने चुनाव बाद हिंसा में मारे गए एक भाजपा नेता के सड़े- गले शव की कुत्ते से तुलना की है। उन्होंने इसे अपमान बताते हुए कहा कि कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर की धरती पर एक मुख्यमंत्री के मुंह से इस प्रकार की भाषा शोभा नहीं देती।

Edited By: Vijay Kumar