बंगाल के गांवों को बाल विवाह-मुक्त करने को विशेष पहल, दो अक्टूबर को होगी विशेष ग्रामसभा
पश्चिम बंगाल सरकार गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए विशेष पहल कर रही है। इसके तहत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा।

बंगाल के गांवों को बाल विवाह-मुक्त करने को विशेष पहल। (फाइल)
HighLights
राज्य सरकार बाल विवाह मुक्त गांव बनाने के लिए विशेष पहल करेगी।
गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभा का आयोजन होगा।
जागरूकता अभियान तेज होगा और कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के गांवों को बाल विवाह-मुक्त करने के लिए राज्य सरकार विशेष पहल करने जा रही है। पंचायत स्तर से जागरूकता अभियान तेज किया जाएगा। आगामी दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन गांवों में विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा।
इसमें पंचायतों के भावी विकास की रूपरेखा तैयार करने के साथ गांवों को बाल विवाह जैसे सामाजिक अभिशाप से मुक्त करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विशेष ग्रामसभा में गांव के लोगों के साथ जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। इसमें महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और सीमांत किसानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
गांवों को बाल विवाह-मुक्त करने को विशेष पहल
राज्य सचिवालय सूत्रों के अनुसार, गत 23 सितंबर को केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के साथ राज्य के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इसमें केंद्र की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘बाल विवाह मुक्त गांव’ से जुड़ा विशेष प्रस्ताव पारित करने को कहा गया है।
इसी के तहत दो अक्टूबर की विशेष ग्रामसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। ग्रामसभा में अभिभावकों और ग्रामीणों को बाल विवाह से होने वाली सामाजिक समस्याओं के बारे में बताया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया जाएगा कि बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर गांव में निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा होगी। स्कूल शिक्षकों और बाल संरक्षण से जुड़े प्रतिनिधियों तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी ग्रामसभा में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।
विशेष ग्राम सभा में बाल विवाह के साथ गांव की सफाई और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया जाएगा। ठोस कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के इस्तेमाल में कमी और स्वच्छता बनाए रखने के लिए ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का प्रचार किया जाएगा।
