बंगाल में दुर्गापूजा में मछली-मटन और चिकन की जमकर हुई बिक्री, रेस्तरां का कारोबार 35 प्रतिशत तक बढ़ा
दुर्गापूजा के दौरान बंगाल में मछली, मटन और चिकन के व्यंजनों की बिक्री में भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे होटल-रेस्तरां का कारोबार 35 प्रतिशत तक बढ़ा।

दुर्गापूजा में मछली-मटन और चिकन की जमकर हुई बिक्री।
HighLights
दुर्गापूजा में मांसाहारी व्यंजनों की बिक्री में भारी वृद्धि।
होटल-रेस्तरां का कारोबार 20-35% तक बढ़ा।
धीरेंद्र शास्त्री की अपील का नहीं दिखा असर।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में दुर्गापूजा के दौरान मछली, मटन और चिकन के व्यंजनों की जमकर बिक्री हुई। सितंबर की शुरुआत में बंगाल में कथा कहने आए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दुर्गापूजा के दौरान बंगालियों से शाकाहारी भोजन करने की अपील के बाद हुए सियासी विवाद के बीच पूजा के दौरान होटल-रेस्तरां में जमकर भीड़ उमड़ी और लोगों ने मांसाहार व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन के पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष सुदेश पोद्दार के अनुसार, इस बार दुर्गापूजा के दौरान राज्य के होटलों व रेस्तरां में पिछले साल की तुलना में बिक्री (कारोबार) में 20 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, कोलकाता के कुछ प्रमुख रेस्तरां में बिक्री 25 से 40 प्रतिशत तक बढ़ी।
दैनिक जागरण से बातचीत में पोद्दार ने दावा किया कि बागेश्वर बाबा की अपील का पूजा के दौरान मांसाहारी व्यंजनों की मांग पर कोई असर नजर नहीं आया। कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ बाहर भोजन करने का आनंद लिया।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया से जुड़े कारोबारियों ने भी इस बार दुर्गापूजा के दौरान रेस्तरां उद्योग में अच्छी वृद्धि की जानकारी दी। पोद्दार के अनुसार, यह रुझान बंगाल की खान-पान परंपरा के साथ त्योहारों के दौरान बढ़ते उपभोक्ता खर्च और पर्यटन से जुड़े कारोबार की मजबूती को भी दर्शाता है।
आठ वर्षों में सबसे बेहतर कारोबार का दावा
पोद्दार के अनुसार, बंगाल में करीब 70 हजार होटल और रेस्तरां हैं। दुर्गापूजा के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से कारोबार बढ़ने की जानकारी मिली है। कुछ कारोबारियों ने बिक्री में 20 प्रतिशत, जबकि कई ने 35 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की।
उनके मुताबिक, इस बार परिवार के साथ रेस्तरां पहुंचकर भोजन करने वालों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। हर साल की तरह दुर्गापूजा के दौरान पंडाल दर्शन के साथ पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेना भी लोगों की उत्सवी दिनचर्या का अहम हिस्सा रहा।
कोलकाता में चाइनीज, भारतीय और मुगलई व्यंजन परोसने वाले रेस्तरां में भारी भीड़ उमड़ी। मछली, चिकन, मटन और बिरयानी जैसे व्यंजनों की मांग बनी रही। कारोबारियों के अनुसार, महालया से ही उत्सवी माहौल बनने और दूसरे जिलों तथा राज्यों से पर्यटकों की आमद बढ़ने से भी कारोबार को लाभ मिला।
बागेश्वर बाबा की अपील के बाद हुआ था जबर्दस्त विवाद
गौरतलब है कि सितंबर में कोलकाता के दौरे पर आए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की शाकाहारी भोजन संबंधी अपील पर बंगाल में जबर्दस्त राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध देखने को मिला था।
उनके बयान पर विवाद के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य से लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी। शमिक भट्टाचार्य ने तब कहा था कि किसी संत के कहने भर से बंगाली मांसाहारी भोजन करना नहीं छोड़ देंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा था कि बंगाली अपनी खान-पान परंपराओं को अच्छी तरह जानते हैं। लोग अपनी पसंसद का भोजन और धार्मिक परंपराएं अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं। यहां तक कि विवाद के बाद शुभेंदु ने कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा के बाद मछली के सिर और बासंती पुलाव का प्रसाद ग्रहण करके भी बंगाल की खान-पान परंपरा को रेखांकित किया था।
