कोलकाता, राज्य ब्यूरो। Bengal Politics News: बंगाल में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी के बीच शुक्रवार को पहली बार विधानसभा में हुई शिष्टाचार मुलाकात पर सुवेंदु के सांसद भाई दिब्येंदु अधिकारी का दर्द सामने आया है। पूर्व मेदिनीपुर के तमलुक से सांसद दिब्येंदु ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा उनके परिवार को भला-बुरा कहने के पिछले दर्द व अपमान को वह कभी नहीं भूल सकते हैं।

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीतने वाले दिब्येंदु भी अपने बड़े भाई सुवेंदु के दिसंबर, 2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद से अपनी पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे हैं। हालांकि दिब्येंदु ने अभी पार्टी नहीं छोड़ी है और आधिकारिक तौर पर अभी भी वह तृणमूल के सांसद हैं। इस बीच ममता-सुवेंदु मुलाकात के अगले दिन शनिवार को दिब्येंदु ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को अपने घर शांतिकुंज में चाय पर भी आमंत्रित किया है।

उन्होंने कहा- मेरे घर के दरवाजे पर अभिषेक की सभा होनी है। मैं उनको चाय के लिए आने को कहूंगा। वह आएंगे तो मुझे खुशी होगी। बता दें कि आगामी तीन दिसंबर को अभिषेक की पूर्व मेदिनीपुर के कांथी में जनसभा है। जहां यह सभा होनी है उससे महज 200 मीटर की दूरी पर अधिकारी परिवार का शांतिकुंज आवास है, जहां अभिषेक को चाय पर आमंत्रित किया है।

सुवेंदु के भाजपा में जाने के बाद कांथी में अभिषेक की यह तीसरी सभा है। इस सभा से अभिषेक सुवेंदु के गढ़ से पंचायत चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार शुरू करेंगे। बता दें कि सुवेंदु के पिता व वरिष्ठ नेता शिशिर अधिकारी कांथी से ही सांसद हैं। उन्होंने भी 2019 में तृणमूल के टिकट पर जीत दर्ज की थी, पर सुवेंदु के पार्टी छोडऩे के बाद से तृणमूल से दूरी बनाकर चल रहे हैं।

इससे पहले सुवेंदु से मुलाकात के दौरान ममता ने उनके सांसद पिता शिशिर अधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा था और उन्हें अपनी तरफ से प्रणाम कहने को कहा था। बता दें कि सुवेंदु के भाजपा में जाने के बाद से ही अधिकारी परिवार की तृणमूल से दूरी काफी बढ़ चुकी है। तृणमूल नेताओं द्वारा अक्सर सुवेंदु व उनके परिवार को गद्दार कहकर संबोधित किया जाता है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari

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