'मुठभेड़ कहना सही नहीं', बंगाल में पुलिस गोलीबारी में आरोपियों की मौत पर बोले शमिक भट्टाचार्य
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में दुष्कर्म-हत्या के दो आरोपितों की पुलिस गोलीबारी में मौत को मुठभेड़ कहना उचित नहीं है।
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HighLights
शमिक भट्टाचार्य ने पुलिस गोलीबारी को मुठभेड़ मानने से इनकार किया।
दो दुष्कर्म-हत्या आरोपितों की पुलिस कार्रवाई में मौत हुई।
भाजपा का दावा, बंगाल में अब कानून का राज है।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद साढ़े तीन माह के भीतर दो जिलों में दुष्कर्म और हत्या के दो अलग-अलग मामलों के आरोपितों की पुलिस के साथ कथित गोलीबारी में मौत को लेकर उठे सवालों के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि इन घटनाओं को मुठभेड़ (एनकाउंटर) कहना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोनों मामलों में जिन परिस्थितियों में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, उन्हें एनकाउंटर की संज्ञा नहीं दी जा सकती। भट्टाचार्य ने दावा किया कि बंगाल में अब कानून का राज है, जबकि पिछली सरकार के समय शासक का कानून चलता था।
मालूम हो कि मंगलवार तड़के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा में 17 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपित प्रह्लाद दास की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में घटी ऐसी ही घटना के करीब साढ़े तीन महीने के भीतर राज्य में पुलिस मुठभेड़ में मौत की यह दूसरी घटना है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपित को घटनास्थल पर अपराध का नाट्य रूपांतरण कराने के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी की सरकारी रिवाल्वर छीनकर पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपित की मौत हो गई।
इससे पहले जुलाई में दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले के एक आरोपित की भी पुलिस की गोलीबारी में मौत हुई थी। उस मामले में भी पुलिस ने बताया था कि घटनास्थल पर अपराध का नाट्य रूपांतरण कराने के दौरान आरोपित ने एक अधिकारी की रिवाल्वर छीनकर पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई थी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की थी।
एनकाउंटर बताना गुमराह करने वाला है
दोनों घटनाओं का उल्लेख करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि इन्हें एनकाउंटर बताना गुमराह करने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों मामलों में जिन हालात की वजह से पुलिस को आरोपितों पर गोली चलानी पड़ी, उन्हें ‘मुठभेड़’ नहीं कहा जा सकता।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में अब लोग बिना किसी डर के बाहर निकल सकते हैं और यहां 'सिंडिकेट' की व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। इसलिए लोग अब बिना किसी डर के बाहर निकल सकते हैं।
