मतदान से पहले ही पूरे बंगाल में शराब की दुकानें बंद, आबकारी विभाग का फैसला
पश्चिम बंगाल में मतदान से पहले ही राज्य भर में शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं। आबकारी विभाग ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह फैसला लिया है।

बंगाल में शराब की दुकानें बंद(फाइल फोटो)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले ही राज्य भर के शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबर आई है। सोमवार से कोलकाता सहित राज्य के सभी जिलों में शराब की दुकानें और बार अचानक बंद कर दिए गए हैं।
राज्य आबकारी विभाग ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह सख्त आदेश जारी किया है, जिससे दुकानों के बाहर भारी भीड़ और असमंजस की स्थिति देखी गई।
क्या कहते है नियम?
नियमतः मतदान से 48 घंटे पहले संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री बंद की जाती है। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान होना है, जिसके अनुसार 21 अप्रैल से पाबंदी लागू होनी थी। लेकिन विभाग ने सोमवार (20 अप्रैल) से ही शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है।
निर्देश के अनुसार, 20 से 23 अप्रैल तक राज्य भर में पूर्ण 'ड्राई डे' रहेगा। इसके बाद 25 अप्रैल की शाम से 29 अप्रैल (दूसरे चरण के मतदान) तक भी दुकानें बंद रहेंगी। मतगणना के दिन यानी चार मई को भी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल में शराब की बिक्री में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। आयोग को आशंका है कि शराब का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। इसी चुनावी कदाचार को रोकने के लिए प्रशासन ने किसी भी जोखिम से बचने का फैसला लिया है।
