बंगाल सरकार ने सोमनाथ दर्शन के लिए 1000 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेन से भेजा, यात्रा का पूरा खर्च उठाएगा राज्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत 1,000 श्रद्धालुओं को निःशुल्क सोमनाथ दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से भेजा है।

सोमनाथ के दर्शन के लिए 1000 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेन से भेजा।
HighLights
बंगाल सरकार ने 1000 श्रद्धालुओं को सोमनाथ दर्शन के लिए भेजा।
यात्रा का पूरा खर्च पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
विशेष ट्रेन 14 सितंबर को सोमनाथ पहुंचेगी, 20 सितंबर को लौटेगी।
राजीव कुमार झा, कोलकाता। गुजरात में स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर की 1,000 वर्ष पुरानी परंपरा और गौरव को याद करते हुए देशभर में मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत बंगाल की नई भाजपा सरकार ने करीब 1,000 श्रद्धालुओं को निशुल्क सोमनाथ के दर्शन कराने की पहल की है।
इसी के तहत शनिवार दोपहर में कोलकाता रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन को सोमनाथ की तीर्थयात्रा के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। श्रद्धालुओं की सोमनाथ यात्रा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
राज्य के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने कोलकाता स्टेशन पर आयोजित समारोह में विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर ‘सोमनाथ यात्रा’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यटन एवं सूचना व संस्कृति विभाग की राज्यमंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती, नगर विकास एवं नगरपालिका और संसदीय कार्य विभाग के राज्यमंत्री उमेश राय तथा स्कूल शिक्षा एवं अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग के राज्यमंत्री कौशिक चौधरी मौजूद रहे।
इस अवसर पर पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक (जीएम) गीतिका पांडेय के साथ प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (पीसीसीएम) डा उदय शंकर झा, सियालदह मंडल के डीआरएम राजीव सक्सेना सहित अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।

राज्य के विभिन्न जिलों से करीब 1,000 श्रद्धालुओं का चयन कर उन्हें इस विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए भेजा गया है। इस अवसर पर मंत्री शंकर घोष ने कहा कि लंबे समय से सोमनाथ जाने की इच्छा रखने वाले कई श्रद्धालु दूरी और खर्च के कारण वहां नहीं जा पाते थे। राज्य सरकार की इस पहल से उन्हें निशुल्क तीर्थयात्रा का अवसर मिला है।
14 को सोमनाथ पहुंचेगी ट्रेन, 20 को होगी कोलकाता वापसी
तय कार्यक्रम के अनुसार, विशेष ट्रेन 14 सितंबर को सोमनाथ (गुजरात) पहुंचेगी। श्रद्धालु 16 सितंबर तक सोमनाथ में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सोमनाथ तीर्थ के दर्शन के बाद 17 सितंबर को इन श्रद्धालुओं को लेकर विशेषकर वहां से कोलकाता के लिए रवाना होगी और 20 सितंबर की सुबह कोलकाता स्टेशन पहुंचेगी।

यात्रा के दौरान होने वाला पूरा खर्च बंगाल का सूचना एवं संस्कृति विभाग वहन करेगा। वहीं, सोमनाथ पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, स्थानीय दर्शन और आवागमन की व्यवस्था गुजरात सरकार की ओर से की जाएगी।
इधर, इस विशेष ट्रेन में सवार होने जिलों से कोलकाता स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। विभिन्न जिलों में सरकारी प्रतिनिधियों को भी तैनात किया गया है। पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व बर्द्धमान और पश्चिम बर्द्धमान के श्रद्धालु आसनसोल स्टेशन से विशेष ट्रेन में सवार होंगे।
पूरी यात्रा में सात सदस्यीय मेडिकल टीम भी साथ में रहेगी
ट्रेन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था भी की गई है। इस पूरी यात्रा में सात सदस्यीय मेडिकल टीम साथ में रहेगी। इनमें तीन डाक्टर और चार स्टाफ नर्स शामिल हैं। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या तबीयत बिगड़ने पर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। यात्रा के दौरान मेडिकल टीम करीब 10 दिनों तक श्रद्धालुओं के साथ रहेगी।
इस विशेष ट्रेन को तीर्थयात्रियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने इस समर्पित रेल सेवा के माध्यम से तीर्थयात्रा करने के अवसर पर अपनी प्रसन्नता और उत्साह व्यक्त किया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य भारत की सभ्यतागत विरासत, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की स्थायी भावना का जश्न मनाना है, जिसमें सोमनाथ युगों-युगों से देश की अटूट भक्ति और गौरव के प्रतीक के रूप में खड़ा है।
