कोलकाता, राज्य ब्यूरो। संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की ओर से बेस्ट डेस्टिनेशन फार कल्चर ट्रेवल अवार्ड के लिए बंगाल को चुना गया है। यह जानकारी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद दी और कहा कि नौ मार्च, 2023 को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में होने वाले समारोह में वह खुद पुरस्कार लेने के लिए जाएंगी। उन्होंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि पैसिफिक एरिया ट्रैवल राइटर्स एसोसिएशन, यूएन वर्ल्ड टूरिज्म आर्गनाइजेशन का एक सहयोगी, पश्चिम बंगाल को बेस्ट डेस्टिनेशन फार कल्चर के लिए इंटरनेशनल ट्रैवल अवार्ड 2023 से सम्मानित करेगा।

उन्होंने कहा कि बंगाल ने वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र में अपनी पहचान बनाई है। यह पुरस्कार भारत सहित विभिन्न देशों के मंत्रियों और सचिवों की उपस्थिति में नौ मार्च, 2023 को बर्लिन में विश्व पर्यटन और विमानन मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। मैं इस महत्वपूर्ण अवसर पर बंगाल के सभी निवासियों को बधाई देती हूं।

बता दें कि यूनेस्को ने बंगाल की दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। उसके मद्देनजर एक सितंबर को कोलकाता यूनेस्को को धन्यवाद देने के लिए कोलकाता में पद यात्रा निकाली गई थी। जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी किया था। ममता ने कहा कि अक्टूबर 2013 में बच्चियों के लिए राज्य सरकार की योजना कन्याश्री को यूएनओ द्वारा पुरस्कार दिया गया था। वह खुद ही हेग पुरस्कार लेने गई थी। इस बार भी वह खुद पुरस्कार लेने बर्लिन जाएंगी। ममता बनर्जी सोमवार दोपहर को कोलकाता स्थित पारसनाथ जैन मंदिर पहुंचीं और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर सांस्कृतिक स्थान है। यह हेरिटेज है। मैं छोटी थी। उस समय में मेरे माता-पिता यहां घूमाने लाते थे। मैं भूल गई थी, लेकिन पारसनाथ मंदिर आकर बहुत अच्छा लगा। इस मंदिर ने पूरे विश्व को एक जगह ले आया है। पूरे विश्व को यह दिखाया है कि सभी एक हैं। सभी धर्म के लोग एक हैं। यह मानवता का स्थान है। ममता ने सांस्कृतिक विरासत और अनेकता में एकता की बता कही और सर्वधर्म समभाव पर जोर दिया।

Edited By: Sumita Jaiswal

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट