राज्य ब्यूरो, कोलकाता : सन् 1876 में स्थापित कोलकाता का ऐतिहासिक इंडियन कॉफी हाउस इन दिनों सियासत का अखाड़ा बना हुआ है। इसे लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब वाममोर्चा समॢथत एक संगठन ने कॉफी हाउस की दीवारों पर 'नो वोट फॉर बीजेपी' और 'बंगाल अगेंस्ट फासिस्ट बीजेपी/आरएसएस' लिखे लाल रंग के पोस्टर चस्पा दिए। इन पोस्टरों की भनक लगते ही दिल्ली भाजपा के नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के नेतृत्व में 40-50 भाजपा कार्यकर्ता भगवा रंग की टी शर्ट पहनकर वहां पहुंच गए।

इन टी शर्ट के जरिए मोदीपाड़ा अभियान की जानकारी दी गई थी। वे कॉफी हाउस में आए और वहां कॉफी पी और कथित रूप से 'जय श्रीराम' और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नारे लगाए। साथ ही जिन पोस्टर पर 'नो वोट फॉर बीजेपी' लिखा था, उनमें से 'नो' को मिटा दिया और कुछ पोस्टर को फाड़ा भी। बाद में वाममोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इसका जवाब भगवान श्रीराम की तस्वीर लेकर किया, जिसपर 'नो वोट फॉर बीजेपी' लिखा था। भाजपा ने इसे भगवान श्रीराम का अपमान बताया।

कॉफी हाउस के कर्मचारी तपन पहाड़ी ने बताया-'गत सोमवार को भाजपा के 30-40 लोग गेरुआ कपड़े पहनकर आए, खाना खाया, बिल चुकाया और जाते समय सीढ़ी पर जो पोस्टर लगे थे, उन्हें फाड़ दिया। उन्होंने 'जय श्रीराम' और 'मोदीपाड़ा जिंदाबाद' के नारे लगाए और निकल गए। इसके अगले दिन उसका विरोध हुआ। कुछ लोग कॉफी हाउस में आए। भगवान श्रीराम की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया, जिसपर 'नो वोट फॉर बीजेपी' लिखा था।

Edited By: Vijay Kumar