'बंगाल में टीएमसी सरकार के दौरान दर्ज कुड़मी आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे', सीएम शुभेंदु का एलान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि बंगाल सरकार 2025 के कुड़मी आंदोलन से संबंधित सभी मामले वापस लेगी।

बंगाल में 2025 के कुड़मी आंदोलन से जुड़े सभी मामले वापस होंगे।
HighLights
2025 के कुड़मी आंदोलन के सभी मामले वापस होंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुरुलिया में यह घोषणा की।
कुड़माली, राजबंशी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल सरकार 2025 में कुड़मी समाज के आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को पुरुलिया के कड़ाडी मैदान में आयोजित कुड़मी समाज के करम पर्व महोत्सव में यह घोषणा की।
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समारोह में जुटी हजारों लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान आंदोलन को लेकर कुड़मी समुदाय के सदस्यों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे।
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एसटी दर्जे की मांग को लेकर हुआ था आंदोलन
कुड़मी समाज ने सितंबर 2025 में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया था। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और कई मामले दर्ज किए गए थे। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने कुड़मी समाज के भीतर विभाजन पैदा किया।
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कुड़माली और राजबंशी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कुड़मी समाज के विकास के लिए किए गए वादों को पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के बजट में कुड़मी समाज के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है और आने वाले दिनों में राशि बढ़ाई जाएगी।

साथ ही उन्होंने कुड़माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में काम करने की बात कही।
