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बंगाल निकाय चुनाव: SIR के बाद ही हों मतदान, विपक्षी दलों ने राज्य चुनाव आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

Published: Mon, 26 Oct 2026 07:46 PM (IST)

विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बाद ही निकाय चुनाव कराने की मांग की है।

निकाय चुनाव मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद कराने की मांग

निकाय चुनाव मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद कराने की मांग

HighLights

  1. निकाय चुनाव मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद कराने की मांग

  2. विपक्षी दलों ने राज्य चुनाव आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

  3. पात्र मतदाताओं के नाम कटने और अपीलों का मुद्दा उठाया

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में कोलकाता और हावड़ा समेत अन्य नगर निकायों के चुनाव मतदाता सूची के पुनर्नामांकन अभियान और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कराने की मांग उठी है।

विपक्षी राजनीतिक दलों और नागरिक अधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को राज्य चुनाव आयुक्त कृष्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की।

उनका कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम कट गए हैं।

ज्ञापन पर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, माकपा (लिबरेशन) के सुबानी सरकार, पूर्व सांसद जवाहर सरकार, सांसद सौगत राय और सुजाता समेत अन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से एसआइआर अपीलीय न्यायाधिकरणों में लंबित मामलों के आवेदकों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल करने का आग्रह किया है।

ज्ञापन के अनुसार, चुनाव आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा की है। प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 और अंतिम सूची चार जनवरी 2027 को प्रकाशित होनी है।

प्रतिनिधियों ने मांग की है कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी), हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) और अन्य नगर निकायों के चुनाव इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही कराए जाएं।

ज्ञापन में चुनाव आयोग के 16 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे का हवाला देते हुए कहा गया है कि केएमसी क्षेत्र में करीब 1.2 लाख और एचएमसी क्षेत्र में 39 हजार अपीलें लंबित हैं।

प्रतिनिधियों के मुताबिक, निपटाए गए मामलों में कोलकाता जिले में 100 प्रतिशत और हावड़ा में 99 प्रतिशत फैसले मतदाता सूची में नाम शामिल करने के पक्ष में आए हैं।