बंगाल में निकाय चुनाव से पहले तृणमूल के तीन धड़ों में फिर बढ़ी खींचतान, गठजोड़ पर मतभेद
बंगाल में निकाय चुनाव से पहले तृणमूल के तीन धड़ों ममता तृणमूल, लोकतांत्रिक तृणमूल और एनसीपीआई के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है।


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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में निकाय चुनाव से पहले तृणमूल के तीन धड़ों के बीच राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। ममता तृणमूल, लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस और तृणमूल छोड़कर आए सांसदों की पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी आफ इंडिया (एनसीपीआई) के बीच पार्टी की पहचान, चुनाव चिह्न और चुनावी गठजोड़ को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं।
इसी बीच ममता तृणमूल ने जोड़ा घास फूल चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतने वाले लोकतांत्रिक तृणमूल के 10 विधायकों की सदस्यता रद करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि नवंबर में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम समेत राज्य के सात नगर निकायों में चुनाव होने की संभावना है।
दुर्गापूजा के बाद शुक्रवार को लोकतांत्रिक तृणमूल के नेताओं ने बैठक कर आगामी निकाय चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। पार्टी के चेयरपर्सन अरूप राय ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी और एनसीपीआई से उसका कोई संबंध नहीं है।
हालांकि, पार्टी विधायक मदन मित्रा ने इससे अलग राय रखते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए तृणमूल के सभी धड़ों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पहल पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करनी होगी।
ममता तृणमूल ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
इस बीच, लोकतांत्रिक तृणमूल के विधायकों की सदस्यता रद कराने की कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। ममता तृणमूल की ओर से विधायक दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले उनकी ओर से उठाई गई यह मांग खारिज हो चुकी है।
एनसीपीआइ के पोस्टर से भाजपा के साथ रिश्तों पर चर्चा
दूसरी ओर, कोलकाता के मध्य हिस्से में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और एनसीपीआइ से जुड़े सांसदों की तस्वीरों वाले पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
एक पोस्टर में एनसीपीआई नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की तस्वीर पर काली स्याही पोत दी गई। ममता तृणमूल के विधायक कुणाल घोष ने पोस्टर की तस्वीर साझा करते हुए भाजपा और एनसीपीआई के संबंधों पर सवाल उठाए।
हालांकि, मुर्शिदाबाद के सांसद खलीलुर रहमान ने कहा कि पोस्टर उनकी सहमति के बिना बनाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह, अबू ताहेर खान और यूसुफ पठान भाजपा या एनडीए में शामिल नहीं हैं। हालांकि, अपने संसदीय क्षेत्रों के हित में मुद्दों के आधार पर एनडीए का समर्थन कर सकते हैं।
उधर, भाजपा ने निकाय चुनाव में किसी गठजोड़ की अटकलों को खारिज करते हुए अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री और कोलकाता नगर निगम चुनाव के प्रभारी सुकांत मजूमदार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि भाजपा कोलकाता के सभी 209 वार्डों में कमल के निशान पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
