राज्य ब्यूरो, कोलकाता। West Bengal Assembly Election 2021: कूचबिहार फायरिंग घटना को ममता ने बताया ‘नरसंहार’बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार के शीतलकूची में शनिवार को हुई फायरिंग की घटना को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने रविवार को सिलीगुड़ी में एक संवाददाता सम्मेलन कहा कि चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए जिले में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वह ‘तथ्यों को दबाना’ चाहता है। चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि उसे अपना नाम बदलकर 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' (एमसीसी) रख लेना चाहिए। काला शॉल ओढ़कर संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल प्रमुख ने कहा कि आज काला दिवस है और आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने राज्य विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान शीतलकूची इलाके में लोगों ‘के धड़ों पर गोलियां चलाईं। गोली पैर या शरीर के निचले हिस्से में मारी जा सकती थी लेकिन सीने और गर्दन में मारी गई है। ममता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सिलीगुड़ी से मारे गए लोगों के स्वजनों से बात की।

आयोग को अपना नाम बदलकर 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' रख लेना चाहिए

ममता ने कहा, ‘मैं 14 अप्रैल तक शीतलकूची जाना चाहती हूं। आयोग कूचबिहार में प्रवेश को प्रतिबंधित करके तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है। हमारे पास एक अयोग्य गृह मंत्री और अयोग्य केंद्र सरकार है।’आयोग की ओर से शीतलकूची में राजनीतिक दलों के प्रवेश पर तीन दिनों की रोक लगाने के बाद ममता ने रविवार को ट्वीट कर चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि उसे अपना नाम बदलकर 'मोदी कोड ऑफ कंडक्ट' (एमसीसी) रख लेना चाहिए।

मृतकों के स्वजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की

वहीं दूसरी ओर ममता बनर्जी ने मृतकों के स्वजनों को पांच लाख रुपये तथा घायलों को दो लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इस घटना के खिलाफ एक ओर जहां रविवाार को तृणमूल की ओर से राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया गया, वहीं दूसरी तरफ शीतलकूची में गांव वालों ने काला दिवस पालन किया। बताते चलें कि कूचबिहार जिले में शनिवार को स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसफ) ने कथित तौर पर फायरिंग की, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।

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