राज्य ब्यूरो, कोलकाता। मवेशी तस्करी कांड में सीबीआइ के हाथों अपने बीरभूम जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने साफ तौर पर कह दिया था कि पार्टी भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। आरोपितों को अपनी बेगुनाही खुद साबित करनी होगी लेकिन चंद दिन बीतते न बीतते बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी खुलकर अनुब्रत के समर्थन में आ गईं। उन्होंने सवाल किया कि केष्टो (अनुब्रत) ने आखिर किया क्या है? उसे क्यों गिरफ्तार किया गया है?

ममता ने अनुब्रत की गिरफ्तारी के खिलाफ आंदोलन करने की भी चेतावनी दी। अनुब्रत का समर्थन करने पर भी ममता ने इससे पहले शिक्षक नियुक्ति घोटाले में ईडी के हाथों गिरफ्तार किए गए राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री व कुछ दिन पहले तक पार्टी के कद्दावर नेता रहे पार्थ चटर्जी के बारे में एक शब्द नहीं कहा। आखिर ऐसा क्यों? ममता ने सिर्फ अनुब्रत के समर्थन में आवाज क्यों उठाई? सियासी विश्लेषकों का कहना है कि दोनों मामलों में काफी अंतर है।

दरअसल पार्थ का बचाव करने के लिए कुछ भी नहीं है। पार्थ की करीबी अर्पिता मुखर्जी के दो फ्लैट से 50 करोड़ रुपये की बरामदगी 'खुले सुबूतÓ की तरह है। इस मामले को लेकर जनता में भी भारी रोष है क्योंकि यह सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़ा है। दूसरी तरफ अनुब्रत का मामला सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़ा नहीं है और न ही सीबीआइ के हाथ अब तक ऐसा कुछ लगा है, जो खुलकर सबके सामने आ गया है।

वहीं तृणमूल के एक नेता ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा कि ममता बनर्जी बेहद अनुभवी राजनेता हैं। वे लंबे समय से पार्टी की कमान संभाल रही हैं इसलिए उसकी नब्ज भी भली-भांति समझती हैं। पार्थ और अनुब्रत की गिरफ्तारी से पार्टी के बहुत से लोग चिंतित हैं। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पार्टी नेतृत्व ने जिस तरह से उनसे पलड़ा झाड़ लिया था, उसने उनकी बेचैनी और बढ़ा दी थी।

ममता समझ रही हैं कि पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में इस तरह की असुरक्षा की भावना पैदा होना पार्टी के हित में नहीं है इसलिए उन्होंने रुख बदलते हुए अनुब्रत का समर्थन किया है और पार्टी कार्यकर्ताओं से इसे लेकर आंदोलन के लिए रहने को कहा है। पार्थ के मामले में उन्होंने इसलिए चुप्पी साधी रखी क्योंकि उसमें कहने को कुछ नहीं बचा है।

दूसरी तरफ भाजपा का कहना है कि ममता अनुब्रत की गिरफ्तारी से डर गई हैं। उन्हें भय सता रहा है कि अनुब्रत सीबीआइ के सामने सारी सच्चाई उगल देंगे इसलिए इस तरह का हथकंडा अपना रही हैं लेकिन इससे कोई लाभ नहीं होने वाला। दोष करने वाले सभी को एक दिन जेल जाना ही होगा। 

Edited By: Priti Jha