कोलकाता, राज्य ब्यूरो। पार्टी की युवा शाखा की राज्य समिति और जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर बंगाल भाजपा की अंदरूनी उठापटक पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय तक पहुंच गई है। पार्टी के युवा मोर्चा के राज्य प्रमुख तथा सांसद सौमित्र खान को तलब किया गया है और वे मंगलवार को दिल्ली पहुंचे और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की, जिसमें बंगाल में भाजपा के संगठनात्मक मामलों के प्रभारी भी शामिल थे।

बंगाल भाजपा के सूत्रों ने कहा कि युवा नेतृत्व की राज्य समिति के गठन को लेकर खान और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के बीच की खींचतान से राष्ट्रीय नेतृत्व खुश नहीं है। इससे पहले, खान ने युवा विंग के जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की थी और घोष ने उन्हें अस्वीकार कर दिया था।

खान को दो दिन पहले दिल्ली में कैलाश विजयवर्गीय और शिवप्रकाश से मिलने के लिए कहा गया था, जब उन्होंने युवा मोर्चा के राज्य समिति के सदस्यों के नाम जारी किए थे। विजयवर्गीय भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं और पश्चिम बंगाल के प्रभारी और शिवप्रकाश राष्ट्रीय संयुक्त सचिव (संगठन) हैं।

जून में, बांकुड़ा के बिष्णुपुर से सांसद खान ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था। उन्होंने भाजपा युवा विंग के राज्य अध्याय के अध्यक्ष का पद संभाला और तब से वे और घोष युवा विंग के नए राज्य पैनल का गठन करने के लिए चेष्टा कर रहे हैं। दोनों अपनी पसंद के पार्टी कार्यकर्ताओं को आगे कर रहे हैं।

खान द्वारा युवा विंग के जिला अध्यक्षों के नाम प्रकाशित किए जाने के बाद और घोष ने इसे अस्वीकार कर दिया था। पार्टी के राज्य अध्यक्ष ने खुले तौर पर कहा था कि सूची के गठन में उनका विशेषाधिकार है। भाजपा की बंगाल इकाई में अंदरूनी मतभेद जुलाई के अंत में प्रमुख रूप से सामने आया था जब प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने विधानसभा चुनाव में 294 में से 190 सीटों पर जीत का दावा किया था और पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने इस पर असंतोष व्यक्त किया था। 

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