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बंगाल: संदकफू घूमने गए पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत, बेटी के जन्मदिन से पहले टूटा परिवार

Published: Sun, 25 Oct 2026 05:33 PM (IST)

पश्चिम बंगाल के संदकफू से लौटते समय टुमलिंग में बारासात निवासी बुबाई पाल की दिल का दौरा पड़ने से मौत ...और पढ़ें

संदकफू से लौटते समय पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत (फाइल फोटो- PTI)

संदकफू से लौटते समय पर्यटक की हार्ट अटैक से मौत (फाइल फोटो- PTI)

HighLights

  1. संदकफू से लौटते समय टुमलिंग में पर्यटक की मौत।

  2. बारासात निवासी बुबाई पाल की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु।

  3. पत्नी ने बेटी की शिक्षा हेतु मुख्यमंत्री से मदद मांगी।

जागरण संवाददाता, बारासात । पश्चिम बंगाल के संदकफू से लौटते समय टुमलिंग में दिल का दौरा पड़ने से बारासात निवासी बुबाई पाल (47) की मौत हो गई। परिवार के साथ घूमने निकले बुबाई की अचानक मौत से पत्नी जयिता पाल और उनकी बेटी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पति को खोने के बाद जयिता के सामने अब परिवार चलाने और बेटी की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने की बड़ी चुनौती है। इस मुश्किल घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मदद की गुहार लगाई है।

बेटी के जन्मदिन से पहले उजड़ गया परिवार

उत्तर 24 परगना जिले के बारासात निवासी पाल परिवार ने इस साल दुर्गापूजा की छुट्टियों में संदकफू घूमने की योजना बनाई थी। इसी के तहत 17 अक्टूबर को बुबाई अपनी पत्नी और बेटी के साथ सियालदह से रात की ट्रेन पकड़कर उत्तर बंगाल के लिए रवाना हुए थे। अगली सुबह वे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचे। इसके बाद एक रात मानेभंजन और दूसरी रात संदकफू में बिताने के बाद परिवार टुमलिंग पहुंचा।

वहां भी रात में ठहरने की योजना थी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा बुबाई की जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी। परिवार के टुमलिंग पहुंचने के दो दिन बाद उनकी बेटी का जन्मदिन था। लेकिन बेटी का जन्मदिन देखने से पहले ही बुबाई दुनिया को अलविदा कह गए।

खाना खाने के बाद अचानक पड़ा दिल का दौरा

टुमलिंग के होमस्टे में रात का खाना खाने के बाद बुबाई अचानक दिल का दौरा पड़ने से बेहोश हो गए। उस समय परिवार के साथ सब कुछ सामान्य था। उनकी पत्नी जयिता ने उस रात की घटना को याद करते हुए बताया कि वह बिल्कुल स्वस्थ थे। सब कुछ ठीक था। रात में सामान्य रूप से खाना भी खाया। इसके बाद अचानक बातचीत करते हुए उन्होंने थोड़ा पानी मांगा।

मैं पानी दे ही रही थी कि सब कुछ खत्म हो गया। जहां परिवार ठहरा था, वहां संयोग से एक डॉक्टर भी मौजूद थे। उन्होंने बुबाई की जांच की। इसके बाद उन्हें टुमलिंग से नीचे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां भी डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बुबाई की मौत हो गई थी। पति को खोने के दर्द से टूट चुकी जयिता ने रोते हुए कहा कि उन्होंने हमें संभलने का समय तक नहीं दिया।

बेटी की उच्च शिक्षा और परिवार के भविष्य की चिंता

बुबाई और जयिता की इकलौती बेटी अभी 12वीं कक्षा में पढ़ती है। पति की अचानक मौत के बाद जयिता समझ नहीं पा रही हैं कि घर का खर्च कैसे चलाएंगी और बेटी की उच्च शिक्षा का इंतजाम कैसे करेंगी।

बुबाई की एक दुकान से परिवार की आजीविका जुड़ी हुई थी। अब उनके नहीं रहने से परिवार का भविष्य अनिश्चित हो गया है। बेटी की पढ़ाई और उसके भविष्य को सुरक्षित करने की चिंता जयिता को लगातार सता रही है। इस कठिन परिस्थिति में जयिता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मदद की अपील की है।

उन्होंने आग्रह किया है कि इस संकट की घड़ी में सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी हो, ताकि बेटी की पढ़ाई जारी रह सके और उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। परिवार के साथ खुशी के कुछ पल बिताने निकले बुबाई की अचानक मौत ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।

अब पत्नी और बेटी को इस गहरे सदमे से उबरने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना भी करना है।