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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अनजान नंबर से फोन रिसीव करने के साथ ही बैंक से गायब हुए 84 लाख रुपये, जालसाजों ने सिम का बना लिया क्लोन

By Vijay KumarEdited By:
Published: Fri, 06 Aug 2021 07:08 PM (IST)

कोलकाता में एक बार फिर अभिनव तरीके से बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया। अनजान नंबर से फोन रिसीव करने ...और पढ़ें

फोन कॉल के दौरान जालसाजों ने सिम का बना लिया क्लोन
फोन कॉल के दौरान जालसाजों ने सिम का बना लिया क्लोन

राज्य ब्यूरो कोलकाता : कोलकाता में एक बार फिर अभिनव तरीके से बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अनजान नंबर से फोन रिसीव करने के साथ ही यहां के एक व्यवसायी के बैंक खाते से जालसाजों ने 84 लाख रुपये उड़ा लिए। दिलचस्प बात यह है कि व्यवसायी ने उन लोगों से बैंक संबंधी कोई भी तथ्य नहीं बांटा था। व्यवसायी ने थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कोलकाता से सटे साल्टलेक में व्यवसायी शिवम अरोड़ा को जालसाजों ने मैसेज के जरिए ई-सिम इस्तेमाल करने का ऑफर दिया था। उन्होंने दावा किया कि 31 जुलाई से दो अगस्त के बीच उनके मोबाइल फोन पर करीब 500 मैसेज आए। उन्हें हर मैसेज में ई-सिम कार्ड इस्तेमाल करने की पेशकश की गई थी। एक ही अनुरोध के साथ उनके पास फोन आते रहे। फिर एक कॉल रिसीव करने के बाद अचानक व्यवसायी के मोबाइल फोन का टावर गायब हो गया। गत मंगलवार को व्यवसायी बैंक गए तो पता चला कि उनके खाते से करीब 84 लाख रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने उसी दिन ही इसकी शिकायत कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज कराई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार व्यवसायी के पास जालसाजों का फोन आया। हालांकि उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन फोन कॉल के दौरान जालसाजों ने उनके सिम का क्लोन बना लिया। फिर व्यवसायी के फोन निष्क्रिय कर दिया ताकि बैंक से कोई संदेश न आए। चूंकि बैंक खाता व्यवसायी के मोबाइल फोन से जुड़ा था। जालसाजों के पास बैंक खाते का डिटेल था। इसके बाद खाते से पैसे निकाल लिए गए। कोलकाता खुफिया पुलिस की बैंक धोखाधड़ी दमन शाखा ने इस धोखाधड़ी के मामले की जांच का जिम्मा संभाला है। घटना की जांच की जा रही है।

फोन कॉल के दौरान मुमकिन है मूल सिम का क्लोन बनाना : साइबर जानकार

कोलकाता के जाने-माने साइबर जानकार सम्याजीत मुखर्जी का कहना है कि जालसाज फोन कॉल के दौरान किसी के मूल सिम का क्लोन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि जालसाजों के पास खुद के विकसित किए हुए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर तथा उपकरण रहते हैं जिसके जरिए वे सिम का क्लोन बना लेते हैं। सामान्यतः इसके लिए पूरा एक समूह काम करता है।

एक जालसाज व्यक्ति को कुछ मिनटों के लिए फोन पर उलझाए रखता है, तभी दूसरा उसी नंबर पर फोन करके अत्याधुनिक टूल्स के जरिए डाटा को बाईपास करते रहता है। इसी दौरान तीसरा शख्स सिम का क्लोन बना लेता है तथा चौथा शख्स फोन को निष्क्रिय कर देता है, ताकि कोई भी ओटीपी उसके नंबर पर ना जाए।