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बंगाल: SIR के बाद भी मतदाता सूची में बांग्लादेशी नागरिक का नाम, चुनाव में वोट डालने का भी खुलासा

Published: Tue, 15 Sep 2026 02:50 AM (IST)

फर्जी दस्तावेज़ों के साथ गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक सुदेव राय का नाम गहन पुनरीक्षण के बाद भी मतदाता सूची में दर्ज ...और पढ़ें

एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में दर्ज मिला बांग्लादेशी का नाम

एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में दर्ज मिला बांग्लादेशी का नाम

HighLights

  1. गिरफ्तार बांग्लादेशी सुदेव राय का नाम मतदाता सूची में दर्ज।

  2. गहन पुनरीक्षण के बावजूद नाम सूची से नहीं हटाया गया।

  3. उसने बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था।

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत लाखों नामों की जांच और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बावजूद एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीमा पार करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक सुदेव राय का नाम एसआईआर के बाद जारी मतदाता सूची में भी दर्ज मिला है।

पुलिस के अनुसार, इतना ही नहीं, सुदेव ने बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था। इस खुलासे के बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

मामले की जांच कर रही एनजेपी थाना पुलिस के अनुसार सुदेव राय लंबे समय से सिलीगुड़ी के डाबग्राम-फूलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पोड़ाझाड़ इलाके में रह रहा था। वहां उसकी चार मंजिला इमारत भी है।

स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि उसके मकान के मुख्य गेट पर अक्सर ताला लटका रहता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुदेव की पत्नी और बच्चे बांग्लादेश में रहते हैं।

पुलिस के अनुसार सुदेव इस बार अपनी पत्नी और बच्चों को भारत लाने के इरादे से बांग्लादेश जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भारत में रहने के दौरान उसने किन-किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज उसे कैसे हासिल हुए।

जांच में सामने आया है कि एसआइआर के बाद जारी मतदाता सूची में भी सुदेव राय का नाम दर्ज है। डाबग्राम-फूलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पार्ट नंबर 107 में उसका नाम क्रम संख्या 899 पर दर्ज बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, सुदेव ने स्थानीय बीएफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था। ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी बन गया है कि यदि वह बांग्लादेशी नागरिक था तो भारतीय मतदाता सूची में उसका नाम कैसे शामिल हुआ और एसआइआर के दौरान भी यह नाम जांच से कैसे बच गया।

पुलिस को सुदेव के महीनों तक मकान बंद रखकर गायब रहने और लगातार बांग्लादेश आने-जाने को लेकर भी संदेह है। पुलिस को आशंका है कि वह किसी अवैध गतिविधि में भी शामिल हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस उसके दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जांच अधिकारियों के अनुसार सुदेव ने भारतीय आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट कैसे हासिल किया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इन दस्तावेजों को तैयार कराने में किसी स्थानीय व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी या नहीं, इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।

11 सितंबर को फूलबाड़ी सीमा क्षेत्र से हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि बीते 11 सितंबर की दोपहर बाद एनजेपी थाना पुलिस ने सुदेव राय को फूलबाड़ी सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए अदालत में पेश किया था, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

रिमांड के दौरान पुलिस ने उसके भारत में रहने, सीमा पार आवाजाही और दस्तावेजों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को उसे दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।