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कारोबार विस्तार की बड़ी तैयारी: बामर लारी अगले 3 वर्षों में करेगी 500 करोड़ का निवेश, रेलवे लॉजिस्टिक्स पर मुख्य फोकस

By Rajeev Kumar JhaEdited By: Harsh Katare
Published: Tue, 22 Sep 2026 01:24 AM (IST)

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बामर लारी अगले तीन वर्षों में करीब 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करेगी। इसका मुख्य ...और पढ़ें

बामर लारी एंड कंपनी लिमिटेड की सोमवार को 109वीं वार्षिक आम बैठक में सीएमडी व अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण

बामर लारी एंड कंपनी लिमिटेड की सोमवार को 109वीं वार्षिक आम बैठक में सीएमडी व अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण

HighLights

  1. बामर लारी अगले तीन वर्षों में 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

  2. रेलवे लाजिस्टिक्स, 3PL और पर्यटन कारोबार पर मुख्य फोकस।

  3. यात्रा एवं पर्यटन कारोबार को पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बनाएगी।

जागरण संवाददाता, कोलकाता। विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बामर लारी एंड कंपनी लिमिटेड अगले तीन वर्षों में करीब 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करेगी। कंपनी का सबसे अधिक जोर रेलवे लाजिस्टिक्स, तृतीय-पक्ष लाजिस्टिक्स और यात्रा एवं पर्यटन कारोबार के विस्तार पर है।

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अधीप नाथ पालचौधरी ने सोमवार को कंपनी की 109वीं वार्षिक आम बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित 500 करोड़ रुपये में से 200-250 करोड़ रुपये रेलवे लाजिस्टिक्स पर खर्च किए जाएंगे।

पालचौधरी ने बताया कि फिलहाल कंपनी लीज पर तीन रेलवे रैक संचालित कर रही है। अब इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 15 करने की योजना है। पहली बार कंपनी सीधे तीन रेलवे रेक खरीदेगी और इसके लिए निविदा जारी की जा चुकी है। इसके अलावा पहले चरण में सात और रेक जोड़े जाएंगे। इनमें कुछ रेक लीज पर भी लिए जाएंगे।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,785 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है और 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य जताया था। कंपनी को लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी से नया रेल माल ढुलाई कारोबार मिलने के बाद क्षमता विस्तार की योजना बनाई गई है।

एक रेलवे रैक की लागत सामान्यत: करीब 20-25 करोड़ रुपये आती है। ऐसे में प्रस्तावित पूंजी निवेश में रेलवे परिसंपत्तियों की बड़ी हिस्सेदारी होगी।

सीएमडी ने बताया कि तृतीय-पक्ष लाजिस्टिक्स कारोबार में कंपनी हुगली जिले के डानकुनी को केंद्रीय हब बनाकर हब एंड स्पोक नेटवर्क तैयार कर रही है। इसके तहत सिलीगुड़ी, गुवाहाटी और भुवनेश्वर जैसे शहरों में क्षेत्रीय केंद्र विकसित किए जाएंगे। कंपनी कोल्ड चेन सुविधाओं के विस्तार पर भी निवेश करेगी।

दक्षिण भारत में भी विस्तार की योजना

ग्रीस एवं लुब्रिकेंट कारोबार में विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों में छोटे पैकिंग संयंत्र लगाए जा रहे हैं। दक्षिण भारत में भी विस्तार की योजना है। कंपनी के अनुसार, इससे माल ढुलाई लागत घटाने और खुदरा बाजार में पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।


औद्योगिक पैकेजिंग कारोबार में भी कंपनी छोटे आकार के ड्रम और आइबीसी जैसे नए उत्पादों की क्षमता बढ़ाएगी। 210 लीटर के स्टील ड्रम के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 35-37 प्रतिशत है।

पालचौधरी ने कहा कि वैश्विक व्यापार में भू-राजनीतिक तनाव, शुल्क संबंधी संरक्षणवाद और आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के बीच कंपनी घरेलू लाजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देकर अपने कारोबार को मजबूत करना चाहती है।

यात्रा एवं पर्यटन कारोबार को अलग सहायक कंपनी बनाएगी

अपने यात्रा एवं पर्यटन कारोबार को पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी में अलग करने की भी योजना है। कंपनी के निदेशक मंडल ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पालचौधरी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य कारोबार को अधिक परिचालन स्वतंत्रता देना और तेज विकास के लिए तैयार करना है।

हालांकि, इसके लिए आवश्यक मंजूरियां अभी बाकी हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा एवं पर्यटन इकाई का मौजूदा कारोबार करीब 390 करोड़ रुपये है, जो बामर लारी के कुल राजस्व का लगभग 13-14 प्रतिशत है।

प्रबंधन को उम्मीद है कि अगले 2-3 वर्षों में यह कारोबार 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा।