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बागेश्वर बाबा के बयान पर बंगाल में सियासी बवाल, शुभेंदु ने मछली का भोग खाकर दिया जवाब

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:14 PM (IST)

बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मांसाहार पर बयान से बंगाल में सियासी बवाल मच गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मछली का भोग खाकर जवाब दिया।

शुभेंदु अधिकारी ने मछली भोग खाया (स्क्रीनग्रैब)

शुभेंदु अधिकारी ने मछली भोग खाया (स्क्रीनग्रैब)

HighLights

  1. धीरेंद्र शास्त्री के मांसाहार बयान से बंगाल में सियासी बवाल।

  2. शुभेंदु अधिकारी ने मछली भोग खाकर बंगाल की परंपरा का सम्मान किया।

  3. बाबा की तस्वीर जलाने पर कांग्रेस नेता अतनु दास गिरफ्तार।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बागेश्वर धाम के प्रमुख पुजारी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) के दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार छोड़ने वाले बयान को लेकर बंगाल में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है।

विरोधी दल इसे बंगाल की धार्मिक परंपरा, संस्कृति व खानपान के विरुद्ध बताकर भाजपा पर लगातार हमला बोल रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा की अगुआई वाली सरकार इसे ‘औचित्यहीन’ विरोध करार देकर प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर भवानीपुर थाने की पुलिस ने बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने वाले दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस के महासचिव अतनु दास को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे सरकार की दमनकारी कार्रवाई बताते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।

इस बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कौशिकी अमावस्या पर कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना कर देवी काली को चढ़ाया गया मछली का भोग खाकर अपनी सरकार व सत्ताधारी पार्टी का रूख स्पष्ट किया।

पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कालीघाट में शुभेंदु के मछली भोग ग्रहण करने को बंगाल की आस्था, परंपरा और जीवन शैली के सम्मान से जोड़ा।

कुछ ही घंटे बाद गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री ने गत गुरुवार को तस्वीर जलाने वालों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था। इसके कुछ ही घंटे बाद गुरुवार रात भवानीपुर थाने की पुलिस ने टालीगंज स्थित घर से अतनु को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।

देवी दुर्गा के भोग में हिलसा-चिंगड़ी, असुर के लिए सुरा

बंगाल में ऐसी कई दुर्गापूजाएं होती हैं, जहां वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार देवी को मांसाहारी भोग चढ़ाया जाता है। खड़गपुर के खंडरुई राजबाड़ी की दुर्गापूजा में नवमी के दिन देवी को हिलसा और चिंगड़ी मछली का भोग लगाया जाता है।

रोहू और कतला मछली भी चढ़ाई जाती हैं। असुर के लिए सुरा की भी व्यवस्था की जाती है। पूजा की शुरुआत महालया से होती है। सुबह देवी को शाकाहारी जबकि रात में मांसाहारी भोग की परंपरा है।