कोलकाता, विशाल श्रेष्ठ। कोलकाता से सटा उत्तर 24 परगना जिले का छोटा सा शहर बनगांव। आबादी एक लाख से कुछ ज्यादा। बंगाल के मानचित्र में मुश्किल से नजर आता है यह शहर, लेकिन इस छोटे से शहर की एक बाला इंडियन आइडल के बड़े मंच पर अपनी गायकी से धूम मचा रही है। यह है 17 साल की अरुणिता कांजीलाल। अरुणिता उन 15 अंतिम प्रतिभागियों में से एक है, जिनका देश के इस मशहूर सिंगिंग रियल्टी शो के लिए चयन हुआ है।

अरुणिता ने बताया-'मैं आठ साल की उम्र से गायकी सीख रही हूं। मां से प्रेरणा मिली। वह भी गाती थीं। उन्हीं से शुरुआती तालीम ली। इसके बाद नंदिता चौधरी ने मेरी गायकी को निखारा।' इंडियन आइडल के मंच पर पहुंचने की दास्तां बयां करते हुए अरुणिता ने बताया-'मैंने इस साल अगस्त में इंडियन आइडल के मौजूदा संस्करण के लिए ऑनलाइन ऑडिशन दिया था।

चयन होने के बाद मुझे मुंबई बुलाया गया। वहां कई राउंड क्लीयर करके मैं आज अंतिम 15 में पहुंची हूं। अब सारा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर इस सिंगिंग रियल्टी शो को जीतने पर है। इसके लिए मैं पूरी मेहनत कर रही हूं।' शो के ज्यूरी पैनल में शामिल संगीतकार हिमेश रेशमिया ने अरुणिता की आवाज सुनकर कहा था कि जब वह गाती है तो उन्हें श्रेया घोषाल को छोड़कर और किसी का ख्याल नहीं आता। दो अन्य जजों गायिका नेहा कक्कड़ और संगीतकार विशाल डडलानी भी अरुणिता की आवाज के मुरीद हो चुके हैं।

अरुणिता बनगांव के पश्चिम पाड़ा इलाके की रहने वाली है। उसके पिता अवनी भूषण कांजीलाल प्रोफेसर हैं और मां शर्बाणी कांजीलाल गृहिणी। अरुणिता कुमुदिनी हाई स्कूल में 12वीं की छात्रा है। वह आगे चलकर पाश्र्वगायिका बनना चाहती है। गायिकाओं में सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, श्रेया घोषाल और सुनिधि चौहान और गायकों में किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, हिमेश रेशमिया उसके पसंदीदा हैं। अरुणिता रोजाना दो-ढाई घंटे रियाज करती है। उसे गायकी के अलावा चित्रकारी और घूमने-फिरने का भी काफी शौक है। 

Edited By: Preeti jha