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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जज्‍बे को सलाम: पढ़ाई के लिए समय नहीं मिलने पर अर्जुन ने ट्रेन को बना लिया है 'स्टडी रूम'

By Preeti jhaEdited By:
Published: Fri, 30 Aug 2019 08:08 AM (IST)Updated: Fri, 30 Aug 2019 02:59 PM (IST)

अर्जुन पढ़ना चाहता था लेकिन सिर पर घर की इतनी जिम्मेदारियां थीं कि उन्हें निभाने में ही सारा समय निकल ...और पढ़ें

जज्‍बे को सलाम: पढ़ाई के लिए समय नहीं मिलने पर अर्जुन ने ट्रेन को बना लिया है 'स्टडी रूम'
जज्‍बे को सलाम: पढ़ाई के लिए समय नहीं मिलने पर अर्जुन ने ट्रेन को बना लिया है 'स्टडी रूम'

कोलकाता, जागरण संवाददाता। अर्जुन पढ़ना चाहता था लेकिन सिर पर घर की इतनी जिम्मेदारियां थीं कि उन्हें निभाने में ही सारा समय निकल जाता था, पढ़े तो कब? लेकिन कहते हैं न, जहां चाह, वहां राह। अर्जुन ने भी उपाय ढूंढ़ निकाला। कोलकाता से सटे डायमंड हार्बर के रहने वाले अर्जुन ने सफर में कटने वाले अपने समय में ही पढ़ाई करनी शुरू कर दी और इसके लिए ट्रेन को ही अपना 'स्टडी रूम' बना डाला।

अर्जुन काकद्वीप से सियालदह तक के दैनिक सफर के दौरान पढ़ाई करते हैं। हाल में अर्जुन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, जिसके बाद कई लोगों ने उसकी शिक्षा के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले अर्जुन डायमंड हार्बर के एक छोटे से घर में अपनी मां और छोटी बहन के साथ रहते हैं। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अर्जुन अपनी मां के साथ केले बेचते हैं।

दिनभर की मेहनत के बाद अर्जुन रोजाना रात आठ बजे काकद्वीप से सियालदह जाने वाली लोकल ट्रेन में सवार होते हैं और भोर तक सियालदह से केले खरीदकर वापस लौटते हैं। इन केलों को दिन में बाजार में बेचा जाता है और जो कमाई होती है, उससे परिवार का गुजारा होता है। काम करने की मजबूरी के कारण पहले अर्जुन को पढ़ने-लिखने का वक्त नहीं मिल पाता था। ऐसे में अर्जुन ने ट्रेन में यात्रा के दौरान ही पढ़ने का फैसला किया और अब वह रोज रात को सियालदह लोकल में फर्श पर बैठकर पढ़ाई करता है।

खास बात यह है कि अर्जुन की पढ़ाई के दौरान उसके आसपास बैठने वाले लोग और ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर्स वहां बिल्कुल शोर नहीं करते, जिससे अर्जुन पूरी एकाग्रता से पढ़ाई कर पाता है। अर्जुन की इस कोशिश की तस्वीर को एक यात्री ने क्लिक कर फेसबुक पर साझा किया है, जिसके बाद कई लोगों ने मदद की पेशकश की है। अर्जुन के ग्राम पंचायत के सदस्यों ने उसके घर जाकर उससे मुलाकात की।

पंचायत की ओर से अर्जुन को हेल्थ केयर सेंटर में एक घर दिया गया है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने उसें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। अर्जुन का कहना है कि वह पूरी शिद्दत से पढ़ाई करना चाहता है। उसका सेना में जाकर देश की सेवा करने का सपना है। 

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