नई दिल्ली/कूचबिहार, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी की प्रस्तावित 'यात्राएं' रोके जाने पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के विस्तार से 'डरीं' ममता लोकतंत्र का गला घोंट रही हैं।

मालूम हो कि ममता बनर्जी की सरकार से अनुमति नहीं मिलने पर भाजपा को अपनी तीन यात्राएं टालनी पड़ी हैं। पार्टी को हाई कोर्ट से भी तत्काल कोई राहत नहीं मिली। इस घटनाक्रम से नाराज शाह ने नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा- 'हम निश्चित ही सभी यात्राएं निकालेंगे, हमें कोई नहीं रोक सकता। भाजपा पश्चिम बंगाल में बदलाव को लेकर प्रतिबद्ध है। यात्राएं रद नहीं की गई हैं, सिर्फ टाली गई हैं।' उन्होंने शनिवार को राज्य का दौरा करने का एलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अनुमति हासिल करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनाएगी।

मालूम हो कि शाह को शुक्रवार को कूचबिहार में रथयात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना करना था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा हिंसा की आशंका जताए जाने के बाद गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भाजपा ने एकल जज पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है।

शाह ने दावा किया कि राज्य के लोग बदलाव के लिए तैयार हैं और भाजपा अगला लोकसभा चुनाव बहुमत से जीतेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा के विस्तार तथा पंचायत चुनावों में सात हजार से ज्यादा सीटों पर पार्टी की जीत से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की रातों की नींद उड़ गई है और वह डरी हुई हैं। वह जानती हैं कि ये यात्राएं बदलाव की बुनियाद बनेंगी, इसलिए वह इन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं।

शाह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को बताना चाहते हैं कि उनकी सरकार भाजपा को दबाने की जितनी कोशिश करेगी, लोगों में गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा के पीछे भाजपा का विस्तार भी एक कारण था। भाजपा के 20 से ज्यादा कार्यकर्ता राजनीतिक हत्याओं के शिकार हुए हैं। उन्होंने राज्य की कानून--व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश भर हुई 100 राजनीतिक हत्याओं में 26 पश्चिम बंगाल में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का पूरा प्रशासन सत्तारू़ढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है।

शाह ने भाजपा के कार्यक्रमों से राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा होने की राज्य सरकार की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने बतौर भाजपा अध्यक्ष 23 बार राज्य का दौरा किया है और कभी कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ।

इस बीच, कूचबिहार में डटे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि यदि कोर्ट से अनुमति मिली तो शाह शहर में आएंगे वरना कोलकाता में पार्टी पदाधिकारियों से मिलेंगे।

विजयवर्गीय ने हालात का जायजा लेने लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं- अरविंद मेनन, शिव प्रकाश, दिलीप घोष तथा मुकुल राय के साथ आपात बैठक की। उन्होंने कहा- 'यदि हमें कलकत्ता हाई कोर्ट से आदेश नहीं मिला तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। हमें न्याय मिलने का विश्वास है।'

 

Posted By: Sachin Mishra