कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि वह हैरान हैं कि केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कोलकाता में सेल के कच्चे माल के डिवीजन को समाप्त किये जाने संबंधी प्रमुख सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। मित्रा ने बुधवार को धर्मेंद्र प्रधान से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कोलकाता स्थिति आरएमडी को बंद नहीं करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि इससे कोविड-19 महामारी के बीच कई लोगों की नौकरियां चली जाएंगी।

इस्पात मंत्री प्रधान ने इसके जवाब में कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल के किसी भी कर्मचारी को नौकरी से हटाने की कोई योजना नहीं है। उधर, अमित मित्रा ने शुक्रवार को प्रधान को लिखे एक अन्य पत्रमें कहा, ‘‘मैं एक बार फिर आपसे आरएमडी को समाप्त नहीं करने और इसका मुख्यालय कोलकाता में ही रखने का अनुरोध करता हूं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जब से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार सत्ता में आई है, तब से कोलकाता में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के मुख्यालय को हटाने का एक खराब रुझान चल पड़ा है। सार्वजनिक क्षेत्र के जिन उपक्रमों के मुख्यालय पिछले 50 सालों से कोलकाता में हैं उन्हें यहां से हटाया जा रहा है।’’

मित्रा ने उदाहरण देते हुये कहा कि हिन्दुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन का मुख्यालय 2017 में महानगर से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं स्टेट बैंक ने अपने केन्द्रीय लेखा केन्द्र को 2018 में मुंबई स्थानांतरित कर दिया। वहीं कोल इंडिया ने अपनी अनुषंगियों के विपणन बिक्री कार्यालय धनबाद, बिलासपुर और संभलपुर जैसे शहरों में स्थानांतरित कर दिये।

गौरतलब है कि हाल में सेल बोर्ड ने कोलकाता स्थित अपने कच्चे माल डिवीजन (आरएमडी) मुख्यालय को ओडिशा के राउरकेला व धनबाद के बोकारो स्टील प्लांट में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। हालांकि इसकी अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसमें कार्यरत विदा कर्मचारियों का एक वर्ग लगातार इस निर्णय विरोध कर रहे हैं। उन्हें अपनी नौकरी जाने का खतरा सता रहा है। इसमें हस्तक्षेप के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हाल में गुहार लगाई थी। जिसके बाद राज्य के वित्त मंत्री ने केंद्रीय इस्पात मंत्री को पत्र लिखा।

Edited By: Babita Kashyap