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बंगाल में बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में मुख्य आरोपी को फांसी, डेढ़ साल बाद आया कोट का फैसला

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:16 PM (IST)

अलीपुरद्वार के डालडाबाड़ी में छह वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया ...और पढ़ें

बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में मुख्य आरोपी को फांसी

बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में मुख्य आरोपी को फांसी

HighLights

  1. मुख्य आरोपी बबलू मियां को फांसी की सजा सुनाई गई।

  2. तीन अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली।

  3. पीड़िता के परिवार को छह लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।

जागरण संवाददाता, अलीपुरद्वार। बंगाल में अलीपुरद्वार जिले के अधीन जयगांव के डालडाबाड़ी में छह वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में करीब डेढ़ वर्ष बाद सोमवार को अलीपुरद्वार जिला अदालत के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया।

अदालत ने मामले के मुख्य आरोपित बबलू मियां को फांसी की सजा सुनाई। वहीं, तीन अन्य दोषियों जायदुल इस्लाम, मनीर हुसैन और मजीबुल शेख को आजीवन कारावास की सजा दी गई। अदालत ने नाबालिग के स्वजन को छह लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश भी राज्य सरकार को दिया है।

मामला 16 अक्टूबर 2024 का है। डालडाबाड़ी स्थित एक परित्यक्त गोदाम से छह वर्षीय बच्ची का शव बरामद किया गया था। पुलिस जांच में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपित नाबालिग के पड़ोसी थे। मुख्य आरोपित बहाने से बच्ची को अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया गया। बाद में तीन अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपितों के बयान के साथ फारेंसिक रिपोर्ट और डीएनए संबंधी साक्ष्य भी पेश किए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों को दोषी करार दिया।

हालांकि, शव को जलाने का आरोप अदालत में साबित नहीं हो सका। फैसला सुनाए जाने के बाद नाबालिग की मां ने कहा कि उन्होंने चारों के लिए फांसी की मांग की थी। मामले के सरकारी अधिवक्ता देवरंजन बंद्योपाध्याय ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने भी अदालत से चारों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।