अहिरिटोला सार्वजनीन दुर्गोत्सव: मां दुर्गा के रूप में दिख रही घर लौटती बेटी की आत्मीय छवि
कोलकाता के अहिरिटोला सार्वजनीन दुर्गोत्सव ने इस बार 'माधुरी मैत्री : अन्वेषणे' थीम के तहत मां दुर्गा को घर लौटती बेटी के रूप में प्रस्तुत किया है।

उत्तर कोलकाता के अहिरिटोला सार्वजनीन दुर्गोत्सव पूजा पंडाल में विराजमान प्रतिमा

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मिलन कुमार शुक्ला, कोलकाता। बंगाल में दुर्गापूजा केवल देवी की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि बेटी के घर लौटने और परिवार के एक साथ आने की भावनात्मक परंपरा भी है। इसी आत्मीय भाव को उत्तर कोलकाता के अहिरिटोला सार्वजनीन दुर्गोत्सव ने इस बार अपने पंडाल की थीम में जीवंत किया है।
यहां मां दुर्गा को बंगाल की अपनी बेटी और स्नेहिल मां के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उनका सहज और पारंपरिक स्वरूप पुराने कोलकाता के घरों, रिश्तों की गर्माहट और बीते दौर की सांस्कृतिक स्मृतियों की याद दिलाता है।
‘माधुरी मैत्री : अन्वेषणे’ यानी मिठास और आपसी आत्मीयता की तलाश पर आधारित यह थीम बंगाल की मिठाई संस्कृति के जरिये शहर की विरासत को सामने लाती है।
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दूध से मिठाई तक, इतिहास का सफर
अहिरिटोला नाम का संबंध अहीरों यानी दूध का कारोबार करने वाले समुदाय से जोड़ा जाता है। इस इलाके की दूध वितरण से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान को आधार बनाकर पंडाल में बंगाल की मिठाई बनाने की परंपरा को उकेरा गया है। यहां मिट्टी के हांडे, मिठाई के पारंपरिक डिब्बे, पुराने विज्ञापन और बीते दौर की दुकानों जैसी सजावट दिखाई देती है।
इन वस्तुओं के जरिये उन कारीगरों के हुनर को सम्मान दिया गया है, जिनकी कला पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही है। पंडाल में एक विशाल कलात्मक डिब्बे के माध्यम से अतीत की दुनिया को सामने लाने की कोशिश की गई है।
हरन माझी और ‘मिष्टीर पाठशाला’ से जुड़ी प्रस्तुति इस थीम में लोकजीवन, मिठाई बनाने की कला और सांस्कृतिक स्मृतियों के रंग भरती है। यहां मिठाई की दुकानें केवल कारोबार की जगह नहीं, बल्कि लोगों के मिलने-जुलने और खुशियां बांटने के केंद्र के रूप में नजर आती हैं।

परंपरा में बसती है शहर की आत्मा
अहिरिटोला का यह पंडाल बताता है कि किसी शहर की विरासत केवल उसकी ऐतिहासिक इमारतों में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी, खानपान और लोगों की साझा यादों में भी बसती है।
मिठाइयों की खुशबू, कारीगरों का हुनर और मां दुर्गा के आगमन की भावनात्मक छवि मिलकर इस दुर्गोत्सव को एक सांस्कृतिक अनुभव बनाते हैं।
