कोलकाता, एएनआइ। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा गंगा सागर मेला आयोजित करने की अनुमति देने के बाद, बुधवार को इसकी शुरुआत सख्त कोविड ​-19 नियमों के साथ हुई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंगा सागर मेले का उद्घाटन किया। एएनआई से बात करते हुए, दक्षिण 24 परगना के जिला मजिस्ट्रेट डॉ पी उलगनाथन ने कहा कि इस बार गंगा सागर मेले का आयोजन कोविड ​-19 महामारी के दौरान किया गया है।

ये मेला भारत के पूर्वी हिस्से में सबसे बड़ा मेला है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु और साधु आते हैं। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण, हमें बहुत सारी अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ी है। हमने सभी प्रवेश बिंदुओं पर कोविड प्रबंधन के लिए व्यापक व्यवस्था की है। हम हर प्रवेश बिंदु पर मेडिकल स्क्रीनिंग कर रहे हैं और कई ऐसी व्यवस्था की है जो थर्मल चेकिंग से लेकर सैनिटाइजेशन तक है। हम मेले में आ रहे तीर्थयात्रियों और साधुओं का तेजी से एंटीजन परीक्षण भी कर रहे हैं। मेले में आ रहे हैं। बसों की व्यवस्था की गई है, इनमें 50 प्रतिशत से अधिक लोगों को नहीं लाया जा रहा है।

"हमने सामूहिक रूप से डाक्टर, पुलिस और स्वयंसेवकों को तैनात किया है जो यहां आने वाले सभी लोगों को मैनेज करने में सक्षम हैं। मेले की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की व्‍यवस्‍था की गई है। राज्य सचिवालय नबन्ना से भी मेले की निगरानी की जा रही है। मुख्यालय मेंं लगातार समीक्षा बैठक भी हो रही है। इस बार हमने बहुत अच्छी तैयारी की है।"

जिलाधिकारी ने कहा कि भारी संख्या में पुलिस, नौसेना, आपदा प्रबंधन टीमों, नागरिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 15000 से ऊपर के पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा यहां नागरिक सुरक्षा, नौसेना और सेना भी तैनात है क्योंकि यह इलाका काफी बड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।

Edited By: Babita Kashyap