जागरण संवाददाता, कोलकाता : 'दीदी को बोलो' अभियान की अपार सफलता के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त समस्याओं पर संवाद व निदान के उद्देश्य से 'चलो ग्रामे' अभियान की शुरुआत की है। जिसके तहत जिला अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान अधिकारी ग्रामीण इलाकों में समय बिताने के साथ ही राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं पर लोगों से बातचीत कर उन्हें पेश आ रही समस्याओं का त्वरित प्रयास से निदान को अग्रसर होंगे। इधर, 'दीदी को बोलो' अभियान के माध्यम से राज्य भर के लाखों लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कर ध्यान आकर्षित करने साथ ही समस्याओं के समाधान को सुझाव भी दिए हैं। जिस पर अमल मात्र से ही लोगों की समस्याओं का काफी हद तक निदान संभव हो सका है। वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हुगली जिला प्रशासन ने 12 व 13 दिसंबर को बालागढ़ में विशेष रूप से दो दिवसीय शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों की फरियाद सुनी। बता दें कि कुछ माह पहले ही राज्य सचिवालय नवान्न में तमाम जिलों के जिला अधिकारियों संग बैठक कर मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगा लोगों की समस्या सुनने का निर्देश दिया था। साथ ही राज्य द्वारा चलाई जा रही परियोजनाओं की समीक्षा को कहा गया। बताया गया कि वितरण तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने को विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की सेवाओं को जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचाने को ही मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजन का निर्देश दिया है।

Posted By: Jagran

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